लद्दाख हुआ ठप: 2025 के पीड़ितों को श्रद्धांजलि, वांगचुक की न्याय की गुहार
बुधवार को लद्दाख पूरी तरह थम गया। 2025 के विरोध प्रदर्शनों में अपनी जान गंवाने वाले 4 लोगों को याद करने और श्रद्धांजलि देने के लिए यह दिन रखा गया था।
इस मौके पर लेह और कारगिल में सभी दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि सभी स्थानीय लोग शहीदों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। दरअसल, उन विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने और उसे मजबूत संवैधानिक सुरक्षा मिलने की मांग थी।
सोनम वांगचुक ने लेह में कम समय की पदयात्रा की अगुवाई की
जाने-माने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लेह में एक दिन की पदयात्रा की, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे छोटा करना पड़ा। यह पदयात्रा शहीद मेमोरियल पार्क पर जाकर खत्म हुई, जहां लद्दाख अपेक्स बॉडी (LAB) के कई प्रतिनिधि भी उनके साथ जुड़ गए।
वांगचुक ने इस मौके पर पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा पर बनी न्यायिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
इसी दिन, लद्दाख के उपराज्यपाल ने 20 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस ले लिए। इस कदम को पुराने मतभेदों को खत्म करने और संबंधों को सुधारने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वांगचुक अभी भी सरकार के साथ लद्दाख के भविष्य और उसे और ज्यादा स्वायत्तता देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं।