फरीदाबाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने पर गर्भवती महिला का टॉर्च की रोशनी में हुआ प्रसव
उत्तर प्रदेश के फरीदाबाद में एक गर्भवती महिला को रात के समय प्रसव पीड़ा हुई, लेकिन जब वह अपने इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची, तो उसे बंद पाया। ऐसे में उन्हें पार्किंग में ही टॉर्च की रोशनी में बच्चे को जन्म देना पड़ा। वहां कोई डॉक्टर या तुरंत मदद करने वाला मौजूद नहीं था, इसलिए परिवार के सदस्यों को ही प्रसव में हाथ बंटाने पड़े।
हरियाणा सरकार ने लिया संज्ञान
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने इस घटना को 'मानवीय गरिमा और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन' करार दिया है। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस मामले पर जवाब मांगा है और आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कहा है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी वादा किया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब 24 घंटे खुला रहेगा और वहां एक एम्बुलेंस स्थायी रूप से तैनात रहेगी।