
कश्मीर में 1 मई के बाद 8 लक्षित हत्याएं, पांच मुस्लिम और तीन हिंदू बने निशाना
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही है। आतंकी अब सेना और पुलिस को जवानों को निशाना बनाने के आम नागरिकों और हिंदुओं को लक्ष्य बनाकर उनकी हत्या कर रहे हैं।
बुधवार को भी आतंकियों ने कश्मीर के कुलगाम जिले में गोली मारकर एक बैंक प्रबंधक की हत्या कर दी।
यह 1 मई के बाद कश्मीर में आठवीं लक्षित हत्या है। इसमें पांच मुस्लिम और तीन हिंदुओं या गैर कश्मीरियों को निशाना बनाया गया है।
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आतंकियों ने बैंक में घुसकर मारी प्रबंधक को गोली
आतंकियों ने सुबह कुलगाम के एलाक्वाई देहाती बैंक में घुसकर उसके प्रबंधक और राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला निवासी विजय कुमार को गोलियों से भून दिया।
इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है।
इस घटना से लोगों में दहशहत का माहौल है और कई गैर कश्मीरी लोगों को नौकरी छोड़कर घरों को वापस लौट रहे हैं।
विरोध
घटना को लेकर जताया जा रहा है विरोध
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांग्रेस (NC) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि परिवारों को इस तरह बर्बाद होते देखना दिल दहलाने वाला है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस घटना को घोर निदंनीय बताया है।
इसी तरह घाटी में तैनात सरकारी कर्मचारियों ने जम्मू में मार्च निकालकर विरोध जताया तथा सुरक्षा के लिहाज से उनका तबादला तत्काल उनके गृह जिलों में करने की मांग की है।
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आतंकियों ने 31 मई को की थी प्रवासी महिला कर्मचारी की हत्या
कुलगाम में आतंकियों ने 31 मई को भी लक्षित हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
उन्होंने गोपालपोरा इलाके में एक महिला शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 36 वर्षीय रजनी बाला यहां के सरकारी स्कूल में पढ़ाती थीं और उस समय स्कूल में ही मौजूद थी।
आतंकियों ने सुबह लगभग 10 बजे स्कूल में घुसकर उन्हें गोली मार दी। वह जम्मू के सांबा जिले की रहने वाली थीं। इस घटना का भी कड़ा विरोध हुआ था।
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आतंकियों ने 27 और 25 मई को भी दिया था वारदात को अंजाम
आतंकियों ने 27 मई को बारामूला में एक नई शराब की दुकान को निशाना बनाकर उसमें ग्रेनेड फेंक दिया था।
इससे दुकान पर मौजूद राजौरी के 52 वर्षीय रंजीत सिंह की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हो गए थी।
इसी तरह 25 मई को आतंकियों ने बडगाम जिले के चदूरा इलाके में टीवी कलाकार अमरीन भट की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें उनका 10 वर्षीय भतीजा भी घायल हुआ था।
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आतंकियों ने 24 और 13 मई को पुलिसकर्मियों को बनाया था निशाना
आतंकियों ने 24 मई को श्रीनगर के अंचार सौरा इलाके में अपनी नौ साल की बेटी के साथ जा रहे कांस्टेबल सैफुल्ला कादरी पर भी फायरिंग कर दी थी। इसमें कांस्टेबल की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल हुई थी।
इसी तरह 13 मई को आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में विशेष पुलिस अधिकारी रियाज अहमद थोकर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें उनका भाई भी घायल हुआ था।
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आतंकियों ने 7 और 12 मई को भी की थी लक्षित हत्या
आतंकियों ने 7 मई को श्रीनगर के जोनिमार इलाके में एक निहत्थे पुलिस कांस्टेबल गुलाम हसन डार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह बाजार में गया हुआ था।
इसी तरह 12 मई को आतंकियों ने बडगाम जिले के चदूरा तहसील में तहसीलदार कार्यालय में घुसकर क्लर्क राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में काफी विरोध हुआ था और लोगों ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
हालात
डर की वजह से 100 से अधिक पंडित परिवारों ने छोड़ा कश्मीर
इन लक्षित हत्याओं के कारण पहले से ही भय में चल रहे प्रवासी मजदूरों और कश्मीरी पंडितों का डर कुलगाम में रजनी की हत्या के बाद चरम पर पहुंच गया है और उन्होंन घाटी छोड़ना शुरू कर दिया है।
बारामूला की एक कश्मीरी पंडित कॉलोनी के अध्यक्ष अवतार कृष्णन भट ने बताया कि रजनी की हत्या के बाद इलाके में रह रहे 300 में से आधे परिवार भाग गए हैं। कश्मीरी पंडित सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं।