6 महीने से पाकिस्तान में खड़े जहाज पर फंसे 6 भारतीय, क्या है विवाद?
क्या है खबर?
पिछले करीब 6 महीने से 6 भारतीय नागरिक पाकिस्तान में फंसे हुए हैं। उनका जहाज कराची बंदरगाह पर खड़ा है, जिसमें बिजली तक नहीं है। भारत ने इन लोगों के परिजन 6 महीने से वापसी के इंतजार में हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। परिजनों की इन लोगों से फोन पर ही बात हो पाती है, वो भी 15 दिन में एक बार। आइए पूरा मामला समझते हैं।
जहाज
ओमान होते हुए पाकिस्तान पहुंचा जहाज
NDTV के मुताबिक, इस मालवाहक जहाज का नाम 'केवर' है, जो ईरान से सामान लेकर पहले ओमान पहुंचा और वहां से 17 अप्रैल को पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पहुंचा था।
जहाज पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने विनीत किशोर मिश्रा भी सवार हैं, जो बतौर चीफ ऑफिसर तैनात हैं। इसके अलावा कुल 6 भारतीय और 6 ईरानी नागरिक भी मौजूद हैं। सभी 25 फरवरी को जहाज पर सवार हुए थे।
विवाद
कराची में क्यों खड़ा है जहाज?
विनीत के पिता ललित किशोर ने बताया कि कराची में जहाज खाली होने के बाद शिपिंग कंपनी और स्थानीय एजेंसी के बीच पैसों और दस्तावेजों को लेकर विवाद हो गया। इसके चलते जहाज को कराची बंदरगाह पर ही रोक दिया गया।
उन्होंने बताया कि चालक दल के सदस्यों का सर्विस बॉन्ड और वीजा 6 महीने (फरवरी से अगस्त) के लिए ही वैध था। वीजा और अनुबंध खत्म होने के बावजूद किसी भी सदस्य को देश वापसी की अनुमति नहीं है।
स्थिति
जहाज पर बिजली नहीं, खाने के लिए बिस्किट का सहारा
परिजनों ने बताया कि जहाज का ईंधन खत्म हो चुका है, जिससे बिजली आपूर्ति ठप है और जहाज अंधेरे में है।
चालक दल को जहाज से उतरने की अनुमति नहीं है।
ललित किशोर ने बताया कि विनीत को सुबह 2 बिस्किट दिए जाते हैं, दोपहर का खाना शाम 4 बजे आता है और रात का खाना लगभग 11 बजे मिलता है।
चालक दल को 15-20 दिन में केवल 2 बार घर पर बात करने की अनुमति है।
परिजन
विनीत के लौटने के इंतजार में 2 मासूम बच्चे
विनीत के 2 बच्चे हैं। बेटे वेदांश की उम्र 2 साल और बेटी वर्तिका केवल 10 महीने की है।
उनकी पत्नी नेहा ने कहा, "मेरे बच्चे मुझसे पूछते हैं कि पापा कब आएंगे? मैं उन्हें कहती हूं कि आ जाएंगे। हमने सरकार को पत्र लिखा है, लेकिन उनकी मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। हम प्रधानमंत्री मोदी, योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्रालय से अपील करते हैं कि विनीत को घर वापस लाने में हमारी मदद करें।"