
'एक स्मॉग का दरिया है और डूब कर जाना है', सुनें दिल्ली के प्रदूषण पर कव्वाली
क्या है खबर?
दिल्ली में चारों तरफ फैली जहरीली धुंध के बीच 2 युवकों ने वायु प्रदूषण पर एक कव्वाली बनाई है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है।
इसे निर्भय गर्ग और वासुदेवम ने गाया है। कव्वाली को नुसरत फतेह अली खान के एक गीत के अंदाज में गाया गया है, जिसमें कई मजेदार बातें शामिल हैं।
गीत की लाइन 'जल रही पराली है, बदल रही दिवाली है, ये काली चादर हर जगह, खांसी बनी कव्वाली है' काफी पसंद की जा रही है।
प्रदूषण
'स्मॉग का दरिया है और डूबकर जाना है'
निर्भय और वासुदेवम ने गीत को खुद ही गाया और फिल्माया है। इस गीत की लाइन 'एक स्मॉग का दरिया है और डूब कर जाना है' भी दिल्ली की दशा बता रही है।
गीत में ब्रेथ इनहेलर का उपयोग और मास्क की माला दिखाई गई है।
बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कई इलाकों में 'गंभीर' श्रेणी का बना हुआ है। मंगलवार सुबह 9ः00 बजे औसत AQI 361 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में है।
ट्विटर पोस्ट
आप भी सुनिए दिल्ली के प्रदूषण पर कव्वाली
जल रही पराली है ,बदल रही दिवाली है .. ये काली चादर हर जगह , खांसी बनी क़व्वाली है ..
— Neelkant Bakshi 🇮🇳 (@neelkantbakshi) November 14, 2023
इस वीडियो के कॉपीराइट निर्भय गर्ग और वासुदेवम के हैं , गजबे धोये है गुरु pic.twitter.com/7EZAmGBLJw