विक्रम भट्ट ढाई महीने बाद जेल से निकले, बोले- सत्य परेशान हो सकता है; पराजित नहीं
क्या है खबर?
30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में करीब ढाई महीने जेल में बिताने के बाद निर्देशक विक्रम भट्ट अब बाहर आ गए हैं। रिहा होते ही विक्रम ने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय व्यवस्था पर अटूट भरोसा जताया। मेवाड़ की मिट्टी का तिलक लगाते हुए उन्होंने भगवान कृष्ण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वो उस पवित्र जगह से लौट रहे हैं, जहां खुद कान्हा का जन्म हुआ था और अब वाे एक नई लड़ाई के लिए तैयार हैं।
बयान
न्याय व्यवस्था पर भरोसा, मेवाड़ के नाम भावुक संदेश
जेल परिसर के बाहर जमा मीडिया से बात करते हुए विक्रम काफी आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने न केवल देश की न्याय व्यवस्था की सराहना की, बल्कि मेवाड़ की धरती को लेकर एक भावुक संदेश भी दिया। जेल परिसर के बाहर जमा मीडिया से बात करते हुए विक्रम भट्ट काफी आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने न केवल देश की न्याय व्यवस्था की सराहना की, बल्कि मेवाड़ की धरती को लेकर एक भावुक संदेश भी दिया।
दो टूक
जेल से निकलते ही विक्रम ने किया तिलक
विक्रम ने जेल से बाहर आते ही मेवाड़ की मिट्टी से अपना तिलक किया। उन्होंने कहा, "मैंने जेल में ढाई महीने बिताए हैं। मुझे पूरा भरोसा था कि यहां की कानून व्यवस्था सच सामने जरूर लाएगी। जेल में मेरा एक दोस्त बना, जिसने मुझसे कहा था कि मेवाड़ की मिट्टी में सत्य परेशान तो हो सकता है, लेकिन उसे कभी हराया नहीं जा सकता। मैं आज इसी मिट्टी का तिलक लगाकर जा रहा हूं। यहां सच्चाई की हमेशा जीत होगी।"
तुलना
विक्रम में जेल को बताया पांचवां धाम
विक्रम ने कहा, "ये जेल मेरे लिए किसी 'पांचवे धाम' से कम नहीं। मैं भगवान कृष्ण का अनन्य भक्त हूं और सौभाग्य देखिए कि मैं भी उसी जगह (जेल) रहकर आया हूं, जहां स्वयं भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। आप ये समझ लीजिए कि मैं जेल से पहले के मुकाबले दोगुना बेहतर इंसान बनकर बाहर आ रहा हूं। जैसे भगवान कृष्ण को जन्म के बाद संघर्ष करना पड़ा था, वैसे ही अब मुझे भी एक नई लड़ाई लड़नी है।"
मामला
किस मामले में जेल गए थे विक्रम?
बता दें कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के खिलाफ नवंबर 2025 में डॉक्टर अजय मुर्डिया ने FIR दर्ज कराई। मामला फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़ी धोखाधड़ी का है। शिकायत के मुताबिक, 4 फिल्मों के निर्माण के लिए कॉन्ट्रैक्ट हुआ और बड़ी रकम दी गई। आरोप है कि न फिल्में बनीं, ना काम हुआ, बल्कि पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। डॉक्टर मुर्डिया का दावा है कि झूठे आश्वासन देकर 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई।