विजय सेतुपति की 'ट्रेन' में क्यों हुई देरी? CGI के इस जादू ने बनाया 5 घंटे का भव्य सफर
विजय सेतुपति की अगली फिल्म 'ट्रेन' को लेकर अब तक जो देरी हो रही थी, उसकी वजह सामने आ गई है। दरअसल, इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम काफी बड़ा था। चूंकि पूरी फिल्म एक चलती हुई ट्रेन के भीतर फिल्माई गई है, इसे वास्तविक दिखाने के लिए टीम को बहुत ज्यादा CGI का इस्तेमाल करना पड़ा। फिल्म के निर्माता कलाइपुली एस थानु ने बताया कि फिल्म में इतने महीनों की देरी क्यों हुई। उन्होंने कहा, "फिल्म में ट्रेन पूरे ढाई घंटे तक चलेगी। हमने शूटिंग पूरी तरह से सेट पर की थी। अगर ट्रेन को गतिमान दिखाना है तो बहुत ज्यादा CGI का काम करना पड़ता है। अब ये सारा काम पूरा हो गया है।"
निर्देशक मिसकिन और सेतुपति का पहला प्रोजेक्ट
निर्देशक मिसकिन चाहते थे कि 'ट्रेन' 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफतार से वास्तविक समय में आगे बढ़े, लेकिन शूटिंग के दौरान आई चुनौतियों के कारण कहानी का दायरा बढ़कर 5 घंटे का हो गया। ये मिसकिन की विजय सेतुपति के साथ पहली फिल्म है। फिल्म में श्रुति हासन, नासर और नारायण भी हैं। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी फौजिया फातिमा ने संभाली है, वहीं इसका संगीत मिसकिन ने खुद तैयार किया है। ये वाकई में एक बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रयास है।