पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे से विवाद के बीच CINTAA चुनाव, उपासना सिंह ने मारी बाजी
क्या है खबर?
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) में विवाद के बाद दोबारा चुनाव कराए गए। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े इस संगठन में कई सदस्यों के इस्तीफे और आपसी विवाद के बाद शनिवार को फिर से मतदान हुआ। इससे एक दिन पहले संगठन के दफ्तर में विवाद इतना बढ़ गया था कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। दोबारा हुए चुनाव के नतीजों में अभिनेत्री उपासना सिंह और साहिला चड्ढा को सबसे ज्यादा वोट मिले।
जीत
CINTAA चुनाव में उपासना सिंह को मिले सबसे ज्यादा वोट
उपासना सिंह को सबसे ज्यादा 360 वोट मिले, जबकि साहिला चड्ढा 357 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
इसके बाद विकास वर्मा को 349, दीपक पराशर को 348 और कुनिका सदानंद को 312 वोट मिले। वर्षा उसगांवकर शर्मा को 306, नगमा को 290, निर्मई बाली को 266 और अर्जुन को 250 वोट मिले।
इनके अलावा अस्मान तहलीम, शहजाद खान, मनीष कुमार चतुर्वेदी, सपन कुमार भट्टाचार्य, रामतुमार सिंह और रमाकांत बोरुडे ने भी चुनाव में जीत हासिल की।
खुशी
चुनाव जीतकर खुशी से झूमे सदस्य
चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद नगमा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सभी सदस्यों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि CINTAA के सदस्यों ने उनके पैनल पर भरोसा जताकर उन्हें जीत दिलाई है।
उन्होंने सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि ये जीत सभी की है। चुनाव के बाद जीतने वाले सदस्य काफी खुश नजर आए। उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाया, फूलों के साथ जश्न मनाया और अपनी जीत की खुशी जाहिर की।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए वीडियो
Mumbai, Maharashtra: On winning CINTAA Election, Actor Upasana Singh says, "See, this victory is not mine; it belongs to all my CINTAA artists. They know me very well, and they have elected me with the highest number of votes. Now I feel that my responsibility has increased even… pic.twitter.com/CBeUH04XAA
— IANS (@ians_india) September 12, 2026
विवाद
CINTAA में क्यों मचा विवाद? पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरे के नेतृत्व में हुआ था बवाल
CINTAA में पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। इससे पहले पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे इसकी अगुवाई कर रही थीं।
अगस्त में 21 सदस्यों वाली कमेटी के 8 चुने हुए सदस्यों समेत 11 लोगों ने इस्तीफा दे दिया था।
अपने संयुक्त पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में फैसले सभी की सहमति और सलाह से नहीं लिए जा रहे थे। इस्तीफों के बाद कमेटी भंग हुई या नहीं, इसे लेकर भी सदस्यों के बीच मतभेद सामने आए।
हस्तक्षेप
पूनम-पद्मिनी की याचिका खारिज; पुलिस ने लगाई फटकार
पूनम-पद्मिनी ने दोबारा चुनाव रोकने के लिए कोर्ट का रुख किया, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। चुनाव से 1 दिन पहले आधिकारिक दस्तावेज बाहर ले जाने की कोशिश के आरोप लगे।
इस दौरान पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी सदस्यों को डांटते नजर आए और उन्हें अपनी प्रतिष्ठा का ध्यान रखने की सलाह दी। पुलिस ने कहा कि लोग उन्हें देख रहे हैं और आरोपों पर बहस करने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए।