'रामायण' पर पानी की तरह बहाए करोड़ों, फिर भी कहानी को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
'रामायण' अब दुनियाभर में रिलीज हो चुकी है, अपने 4000 करोड़ के बड़े बजट और हॉलीवुड स्तर के इफेक्ट्स के चलते खूब सुर्खियां बटोर रही है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाया है।
यह फिल्म दिवाली के मौके पर इस क्लासिक हिंदू महाकाव्य को आधुनिक अंदाज में फिर से दिखाती है, लेकिन जहां एक तरफ यह फिल्म देखने में जितनी भव्य और खूबसूरत है, वहीं दूसरी तरफ आलोचक इस बात पर एकमत नहीं हो पा रहे हैं कि क्या यह वाकई दर्शकों को पूरी तरह से बांध पाएगी या नहीं।
तमाशे और कहानी पर बंटे समीक्षकों के विचार
कुछ समीक्षक इस फिल्म की भव्यता के कायल हो गए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स ने इसे 4 स्टार देते हुए लिखा, "खुशी है कि इतना पैसा स्क्रीन पर साफ नजर आता है।"
वहीं, कुछ दूसरे समीक्षकों का मानना है कि इस चकाचौंध के बीच कहानी कहीं गुम हो गई है। एनडीटीवी ने 3 स्टार देते हुए कहा कि कई बार कहानी पीछे छूटती सी नजर आती है।
क्या है फिल्म में खास?
यह फिल्म ऐसे समय में रिलीज हुई है, जब भारत में रामायण का सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व बेहद अहम है। एआर रहमान और हंस जिमर के संगीत से सजी इस फिल्म में परंपरा और आधुनिक तकनीक का खूबसूरत मेल है।
इस प्रोजेक्ट का मकसद नई पीढ़ियों को जोड़ना और साथ ही कई नई बहसों को जन्म देना है।