वेनिस में 'नाजा' का ऐतिहासिक क्षण, 24 मिनट के स्टैंडिंग ओवेशन ने खोली युद्ध की भयावह सच्चाई
ऑस्कर विजेता इजरायली फिल्म निर्माताओं यूवल अब्राहम और रैसल जोर की नई इजरायली डॉक्यूमेंट्री 'नाजा' ने वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में खूब वाहवाही बटोरी।
दर्शकों ने इसे खड़े होकर लगातार 24 मिनट तक तालियां बजाईं, जिससे यह फिल्म फेस्टिवल में चर्चा का विषय बन गई।
यह फिल्म तेल अवीव में 3 साल तक गुपचुप तरीके से फिल्माई गई थी। इसकी कहानी +972 मैगजीन, लोकल कॉल और द गार्डियन की खोजी रिपोर्टों पर आधारित है।
इस डॉक्यूमेंट्री में इजरायल के सैन्य और खुफिया विभाग के 24 व्हिसलब्लोअर के इंटरव्यू शामिल हैं, जिनकी पहचान डिजिटल रूप से छिपाई गई है।
'नाजा' करती है सैन्य हत्या प्रणाली की पड़ताल
'नाजा' गाजा में 70,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत के पीछे की सैन्य प्रणाली की गहराई से जांच करती है। इसका शीर्षक इजरायली सैन्य शब्दावली से लिया गया है, जिसका उपयोग नागरिक हताहतों के लिए किया जाता है।
यह फिल्म युद्ध की असल मानवीय कीमत को सामने लाती है। यूवल ने बताया कि उनका मकसद यह उजागर करना था कि "हत्या की यह प्रणाली" कैसे काम करती है और दुनिया ने इसे क्यों होने दिया। इस फिल्म का निर्माण द गार्डियन ने किया है।
इसमें जेम्स विल्सन निर्माता और जोनाथन ग्लेजर कार्यकारी निर्माता के तौर पर जुड़े हैं।