जसवंत सिंह खालरा की बायोपिक 'सतलुज' पर छिड़ा विवाद, परिवार को पहले से थी विरोध की उम्मीद
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। हनी त्रेहन के निर्देशन में बनी इस फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 इंडिया पर रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही हटा दिया गया था।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) के तय मानकों पर खरी नहीं उतर पाई। बताया जा रहा है कि फिल्म बोर्ड पिछले करीब 3 सालों से इस फिल्म में जरूरी बदलावों और कट्स की मांग कर रहा था, जिसके पूरा न होने पर अब ये सख्त फैसला लिया गया है।
"सच्चाई से कोई समझौता नहीं"
खालरा के परिवार ने फिल्म के काफी ज्यादा संपादित वर्जन का समर्थन करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म कोर्ट के रिकॉर्ड और दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है। उनके अनुसार, यह कहानी खालरा के उन कामों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बेहद जरूरी है, जिसमें उन्होंने पंजाब में गैर-कानूनी दाह-संस्कारों को उजागर किया था। 'सतलुज' खालरा की उस न्याय की लड़ाई की सच्ची दास्तान है, जो पंजाब में उग्रवाद के दौर में लड़ी गई थी। फिलहाल ये फिल्म भारत में देखने के लिए उपलब्ध नहीं है।