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सोनू सूद का गुजरात की गौशाला को 'महादान', 7,000 गायों को मिलेगा 'मसीहा' का सहारा
सोनू सूद अब बेजुबानाें की मदद के लिए आगे

सोनू सूद का गुजरात की गौशाला को 'महादान', 7,000 गायों को मिलेगा 'मसीहा' का सहारा

Jan 11, 2026
05:45 pm

क्या है खबर?

अपनी दरियादिली के लिए 'मसीहा' माने जाने वाले बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने एक बार फिर सबका दिल जीत लिया है। मानवता की सेवा के बाद अब गौ-सेवा के लिए हाथ बढ़ाते हुए सोनू सूद ने गुजरात की एक गौशाला को 22 लाख रुपये की बड़ी राशि दान की है। उनके इस सराहनीय कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। एक बार फिर सोनू ने साबित कर दिया है कि वो असल जिंदगी में भी हीरो हैं।

मदद

गायों की देखभाल के लिए दिल खोलकर किया दान

परोपकार की मिसाल पेश करते हुए सोनू ने गुजरात की वराही गौशाला की मदद के लिए दिल खोलकर दान किया है। गायों की देखभाल और उनके बेहतर जीवन के लिए दिया गया यs सहयोग उनकी संवेदनशील सोच और बेजुबानों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। हमेशा की तरह सोनू ने बिना किसी दिखावे के यह मदद की, लेकिन उनकी इस निस्वार्थ पहल ने एक बार फिर करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया है।

सहयोग

7,000 बेसहारा गायों के लिए की 22 लाख की मदद

सोनू ने गुजरात के वराही स्थित एक गौशाला को 22 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जो लगभग 7,000 गायों का बसेरा है। उनकी दान की गई इस रकम का इस्तेमाल गायों के खाने-पीने, इलाज और रहने की सुविधाओं के लिए किया जाएगा। ये गौशाला लावारिस, घायल और बचाए गए जानवरों को देखभाल, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करती है। इस स्तर पर संचालन के लिए निरंतर संसाधनों और निरंतर सहयोग की आवश्यकता होती है।

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बयान

"7,000 गायों का बसेरा देख गर्व होता है"

सोनू ने गौशाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "जब मैं उनकी इस यात्रा को देखता हूं, जो सिर्फ कुछ गायों से शुरू होकर आज 7,000 गायों तक पहुंच गई है तो ये देखना सुखद है। ये न केवल हमारे लिए, बल्कि हर गांव के हर व्यक्ति के लिए बड़े गर्व की बात है।" अभिनेता ने आगे जोर देते हुए कहा कि ऐसे नेक कामों में समुदाय की भागीदारी बहुत जरूरी है।

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मिसाल

संकट कोई भी हो, ढाल बनकर खड़े होते हैं सोनू

कोरोना महामारी के दौरान जब देश थम गया था, तब सोनू एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे। सड़क पर पैदल चलते मजबूर मजदूरों को उनके घर पहुंचाने से शुरू हुआ ये सिलसिला, आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। चाहे किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाना हो या किसी बीमार के लिए महंगे इलाज और ऑक्सीजन का प्रबंध करना, सोनू ने हर बार साबित किया है कि एक अकेला व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।

दरियादिली

मजदूरों के घर से गौशाला के चारे तक

अब गुजरात की गौशाला के लिए उनका 22 लाख का दान दर्शाता है कि उनकी करुणा केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। 7,000 बेसहारा और घायल गायों की मदद कर उन्होंने ये संदेश दिया है कि 'मसीहा' वही है, जो बेजुबानों के दर्द को भी अपनी जुबां दे सके। उनकी ये संवेदनशील सोच उन्हें रियल लाइफ का सबसे बड़ा 'सुपरहीरो' बनाती है। फिल्मों की बात करें तो पिछली बार सोनू फिल्म 'फतेह' में दिखे थे, जिसके वो निर्देशक भी थे।

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