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दलेर मेहंदी विवाद में कूदीं सोना महापात्रा, बोलीं- उम्र और विरासत से जवाबदेही खत्म नहीं होती 
दलेर मेहंदी विवाद में सोना महापात्रा की दो टूक

दलेर मेहंदी विवाद में कूदीं सोना महापात्रा, बोलीं- उम्र और विरासत से जवाबदेही खत्म नहीं होती 

Oct 21, 2026
01:46 pm

क्या है खबर?

उत्तराखंड में नवरात्रि कार्यक्रम के दौरान गायक दलेर मेहंदी और भाजपा विधायक सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद पर गायिका सोना महापात्रा ने प्रतिक्रिया दी है। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कलाकारों की पेशेवर जवाबदेही और दर्शकों के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। सोना ने अपना एक पुराना अनुभव याद कर बताया कि एक संगीत उत्सव में दलेर के प्रदर्शन से सहज न होने के बावजूद वो और उनकी टीम सम्मान के कारण चुप रहे थे।

सवाल

दलेर विवाद पर सोना का तीखा सवाल

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में सोना ने दिल्ली के सूफी हेरिटेज फेस्टिवल का अपना अनुभव साझा किया, जहां उन्होंने 28 फरवरी, 2026 को परफॉर्म किया था।

दलेर मेहंदी का परफॉर्मेंस अगली शाम यानी 1 मार्च को होना तय था। सोना ने बताया कि वो उनका सूफी संगीत सुनने के लिए वहां रुकी थीं, लेकिन मंच पर जो कुछ हुआ, उससे उन्हें काफी निराशा हुई।

सोना ने लिखा, 'कब सम्मान खामोशी बन जाता है? और कब खामोशी मिलीभगत बन जाती है?'

वाकया

मंच पर जो हुआ, उस पर यकीन करना मुश्किल था- सोना

सोना महापात्रा ने बताया कि आयोजकों के अनुरोध पर वो और उनकी टीम एक रात और रुकी थी ताकि वे एक दिग्गज कलाकार को सूफी गाने गाते देख सकें, लेकिन मंच पर जो हुआ, उससे उनकी टीम को गहरा आघात पहुंचा और उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि उन्हें उन आयोजकों के लिए बहुत दुख हुआ, जिन्होंने एक सम्मानित कलाकार को पेश करने के लिए अपनी प्रतिष्ठा और संसाधन दांव पर लगाए थे।

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हल

सोना बोलीं- अपमान किसी समस्या का समाधान नहीं

सोना ने स्पष्ट किया कि उन्हें दलेर मेहंदी की निजी परिस्थितियों या स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वो बिना किसी जानकारी के कोई अनुमान नहीं लगाना चाहतीं। उन्होंने लिखा, "मेरा यह भी मानना है कि किसी कलाकार को सरेआम अपमानित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।"

हालांकि, उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि क्या किसी वरिष्ठ कलाकार को मिलने वाला सम्मान कभी-कभी लोगों को सही और वैध मुद्दे उठाने से रोक देता है।

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जवाबदेही

कलाकारों को सम्मान का हक, पर दर्शकों के प्रति भी है जवाबदेही

सोना ने कहा कि उनकी टीम सब कुछ देखकर भी सम्मान के कारण चुप रही, लेकिन क्या यह वाकई सम्मान था या चुप्पी के जरिए गलत बात को बढ़ावा देना था?

उन्होंने माना कि एक वरिष्ठ कलाकार को सम्मान और सहानुभूति मिलने का पूरा अधिकार है, लेकिन दर्शकों का भी यह हक बनता है कि वो एक पेशेवर और ईमानदार परफॉर्मेंस की उम्मीद करें। सम्मान और जवाबदेही दोनों तरफ से होनी चाहिए।

प्रतिक्रिया

दो बातें एक साथ सच हो सकती हैं- सोना

सोना महापात्रा ने लिखा, "दो बातें एक साथ सच हो सकती हैं। एक दिग्गज कलाकार को जीवनभर के योगदान के लिए सम्मान, सहानुभूति और आभार मिलना चाहिए। और दूसरी तरफ, दर्शकों को भी एक ईमानदार परफॉर्मेंस का हक है, या कम से कम इस बात की ईमानदारी से स्वीकारोक्ति का हक है जब ऐसा करना मुमकिन न हो।"

सोना ने आगे कहा कि अगर कोई कलाकार अस्वस्थ है तो स्थिति को करुणा और जिम्मेदारी के साथ संभाला जाना चाहिए।

बचाव

सोना ने लिखा- मंत्री के तरीके पर सवाल हो सकते हैं, पर शिकायत गलत नहीं

सोना ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल के विरोध के तरीके पर सवाल हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी शिकायत गलत है।

उन्होंने जोर दिया कि उम्र और विरासत किसी को भी पेशेवर जवाबदेही से छूट नहीं देती और सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए।

बता दें कि ये विवाद नरेंद्रनगर मेले का एक वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें विधायक सुबोध उनियाल गायक दलेर मेहंदी से उनकी परफॉर्मेंस पर सवाल उठाते नजर आए।

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