'मिर्जापुर' की अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने किया निर्माता के तौर पर शुरुआत, फिल्म ने TIFF में जमाया रंग
'मसान' और 'मिर्जापुर' जैसी फिल्मों से मशहूर हुईं श्वेता त्रिपाठी अब अपनी फिल्म 'मुझे जान ना कहो मेरी जान' के साथ निर्माता भी बन गई हैं।
उनकी यह फिल्म WIF इंडिया और गोल्ड हाउस स्कॉलरशिप की मदद से टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में अपनी जगह बना चुकी है।
इसे उनके रचनात्मक सफर का एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।
कैसी कहानियों चुनती हैं श्वेता?
'हरामखोर' और 'मेड इन हेवन' जैसे फिल्मों और सीरीज में काम करने के बाद, श्वेता ने हमेशा ऐसी कहानियों को चुना है, जो दिल को छू जाती हैं और जिनकी अपनी एक अहमियत होती है।
वह अपनी इन उपलब्धियों को सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि औरों के लिए भी नए रास्ते खोलने वाली मानती हैं।
श्वेता का कहना है कि ये छोटी-बड़ी सफलताएं ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। जब आपको लगता है कि आप जो भी कदम उठा रहे हैं, वो सही दिशा में हैं, तो इससे हौसला मिलता है। इसलिए पहला कदम उठाना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।