
ईशान खट्टर और मृणाल ठाकुर की फिल्म 'पिप्पा' की शूटिंग सितंबर में होगी शुरू- रिपोर्ट
क्या है खबर?
ईशान खट्टर और मृणाल ठाकुर दोनों ही बॉलीवुड के उभरते हुए कलाकार हैं। ईशान और मृणाल काफी समय से अपनी वॉर ड्रामा फिल्म 'पिप्पा' को लेकर चर्चा में हैं।
अब फिल्म से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आ रही है। खबरों की मानें तो इस फिल्म की शूटिंग सितंबर में शुरू हो सकती है।
मेकर्स इस फिल्म की शूटिंग इस साल मार्च में शुरू करने वाले थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो पाया था।
रिपोर्ट
कलाकारों के रीडिंग सेशन अगस्त के मध्य में होंगे शुरू
मिड-डे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईशान और मृणाल की 'पिप्पा' की शूटिंग सितंबर में शुरू होगी।
एक सूत्र ने कहा, "1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म के लिए कई स्तर पर तैयारी करने की आवश्यकता होगी। फिल्म के कलाकारों के रीडिंग सेशन अगस्त के मध्य से शुरू होंगे। कलाकारों को फिल्म की कहानी से परिचित होना जरूरी है। कैमरे पर युद्ध के दृश्यों को फिल्माने के लिए फिजिकल ट्रेनिंग की जरूरत होगी।"
जानकारी
पहले शेड्यूल की शूटिंग मुंबई में होगी शुरू
इस फिल्म के पहले शेड्यूल की शूटिंग मुंबई में शुरू होगी। अपने किरदार में खुद को ढालने के लिए फिल्म के कलाकार अगस्त के पहले सप्ताह से फिजिकल ट्रेनिंग में जुट जाएंगे।
एक वॉर ड्रामा फिल्म होने के नाते इसमें भरपूर एक्शन सीन देखने को मिलेगा।
पिछले साल अगस्त में राजा कृष्ण मेनन की निर्देशन में बनने वाली इस फिल्म की घोषणा की गई थी। इस फिल्म में प्रियांशु पेनयुली को भी अहम भूमिका में देखा जाएगा।
संगीत
'पिप्पा' के लिए एआर रहमान देंगे संगीत
फिल्म को कोलकाता और पश्चिम बंगाल के विभिन्न लोकेशंस में शूट किया जाना है। खबरों की मानें तो फिल्म का ज्यादातर प्री-प्रोडक्शन का काम समाप्त हो चुका है।
रॉनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर इस फिल्म को निर्मित करेंगे। रविंदर रंधावा, तन्मय मोहन और मेनन ने फिल्म की पटकथा लिखी है।
'पिप्पा' के लिए मशहूर म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान संगीत देंगे। रहमान ने कहा था कि 'पिप्पा' की कहानी मानवीय भावना से जुड़ी हुई है।
कहानी
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर लिखी किताब पर आधारित होगी कहानी
फिल्म 'पिप्पा' में युद्ध पर आधारित कहानी को फिल्माया जाएगा। यह फिल्म ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता की पुस्तक 'द बर्निंग चैफिस' पर आधारित है।
45वीं घुड़सवार दस्ते में शामिल ब्रिगेडियर मेहता ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी मोर्चे पर लड़ाई लड़ी थी। बांग्लादेश को स्वतंत्र करने के लिए लड़ी गई इस लड़ाई में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
गौरतलब है कि दिलचस्प कहानी को देख कर ही इस फिल्म से उम्मीदें बढ़ गई हैं।