शबाना आजमी बीमार होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के साथ डटीं, ले रहीं पल-पल का अपडेट
क्या है खबर?
छात्र आंदोलनों में लगातार सक्रिय रहने वाली दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी स्वाइन फ्लू (H1N1) की चपेट में आ गई हैं। 102 डिग्री तेज बुखार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 5 दिनों के लिए आइसोलेशन और पूरी तरह से बेड रेस्ट की सलाह दी है। मुंबई में होने वाले प्रदर्शन से दूर रहने के बावजूद शबाना ने सोशल मीडिया पर बताया है कि वो आइसोलेशन में रहते हुए भी जमीनी स्तर पर छात्रों से हर अपडेट ले रही हैं।
पोस्ट
मुंबईवासियों के नाम शबाना का संदेश
शबाना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'मेरे प्यारे मुंबईवासियों, मुझे कल आपके विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था, लेकिन मैं H1N1 की चपेट में आ गई हूं। मुझे 5 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा। इसके बावजूद मैं अपना समर्थन व्यक्त करना चाहती हूं। मुझे जमीन पर मौजूद युवाओं से पल-पल की सीधी रिपोर्ट मिल रही है। इनमें से कई युवाओं ने पहली बार किसी आंदोलन में हिस्सा लिया है और महसूस किया है कि उनकी आवाज कितनी मायने रखती है।'
सेहत
शबाना की सेहत पर टीम ने क्या कहा?
शबाना की टीम ने उनकी सेहत के बारे में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि अभिनेत्री 102 डिग्री तेज बुखार से पीड़ित हैं।
मेडिकल जांच में उनके H1N1 (स्वाइन फ्लू) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अगले 5 दिनों के लिए सख्त आइसोलेशन और पूरे बेड रेस्ट की सलाह दी है।
इसी बीमारी और तेज बुखार के कारण वो मुंबई में आयोजित छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकीं।
हाल
शबाना ने बयां किया जंतर-मंतर का आंखों देखा हाल
इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में शबाना ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस के धुएं से उन्हें अस्थमा का अटैक आ गया था।
उन्होंने कहा, "मुझे अस्थमा है, लेकिन पास में इनहेलर (पंप) होने से स्थिति संभल गई। मुझे तुरंत सुरक्षा के लिए पास की इमारत में ले जाया गया। सांस सामान्य होते ही मैं वापस लौटी और लाठीचार्ज से घायल छात्रों से बात की। उनका हौसला अभूतपूर्व है, मैं उनकी हिम्मत को सलाम करती हूं।"
कदम
छात्र आंदोलन के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन अब राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन चुका है।
चौतरफा दबाव के बाद, छात्रों की प्रमुख मांग को मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
दूसरी ओर छात्रों के समर्थन में 26 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद बीते शुक्रवार को अपना उपवास समाप्त कर दिया।