'सतलुज' पर बवाल, ZEE5 से हटी फिल्म पर निर्देशक का पलटवार; अब हाईकोर्ट में याचिका दायर
निर्देशक हनी त्रेहान अपनी फिल्म 'सतलुज' का बचाव कर रहे हैं। फिल्म को रिलीज होने के महज 2 दिन बाद ही ZEE5 से हटा दिया गया था।
दरअसल, कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि यह फिल्म समाज में अशांति फैला सकती है। हनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।
उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म उन लोगों के जख्मों पर मरहम का काम करती है, जिन्होंने बहुत पीड़ा झेली है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में जब फिल्म की स्क्रीनिंग की गई थी, तो हिंदू और सिख समुदाय के लोग शांति से एक साथ मिलकर फिल्म देखने आए थे।
फिल्म 'सतलुज' को लेकर जनहित याचिका हाई कोर्ट में हुई दाखिल
फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने से पहले, सेंसर बोर्ड ने इसमें 127 कट लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके, पंजाब में अभी भी फिल्म की अनौपचारिक स्क्रीनिंग जारी हैं, जहां लोगों को लंगर भी परोसा जा रहा है।
अब फिल्म को वापस ZEE5 पर दिखाने की मांग के साथ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। निर्देशक हनी ने सरकार पर भी तंज कसा है।
उनका कहना है कि सरकार एक तरफ प्रोपेगेंडा वाली फिल्मों को बढ़ावा देती है, वहीं दूसरी तरफ उन कहानियों पर रोक लगा देती है, जो लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती हैं।