सलमान खान की 'मातृभूमि' पर फंसा नया पेंच, पहले बदला नाम और अब मंजूरी का इंतजार
क्या है खबर?
सलमान खान की बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' की रिलीज पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में दूसरी स्क्रीनिंग के बावजूद फिल्म को रक्षा मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिला है। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी में हो रही इस देरी के कारण निर्माता अब तक फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं दिला पाए हैं।
बदलाव
भारत-चीन झड़प पर आधारित फिल्म का बदला रूप
अपूर्वा लाखिया के निर्देशन में बनी ये फिल्म पहले 'बैटल ऑफ गलवान' नाम से घोषित हुई थी।
इसकी कहानी साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है।
पिछले कुछ महीनों में फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। इसका नाम बदलने के साथ-साथ चीन को दिखाने के तरीके और कहानी पेश करने के अंदाज में भी बदलाव किया गया है।
पेंच
रक्षा मंत्रालय के जवाब के इंतजार में फंसी 'मातृभूमि'
सूत्रों के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में फिल्म को रक्षा मंत्रालय के सामने प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने कुछ बदलावों का सुझाव दिया था।
निर्माताओं ने इन सिफारिशों को शामिल करने के लिए फिल्म के कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग भी की। इसी महीने की शुरुआत में सलमान, निर्देशक और पूरी टीम ने रक्षा मंत्रालय को फिल्म का नया कट सौंपा था। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्माताओं को उसके बाद से कोई जवाब नहीं मिला है।
कारण
जब तक नहीं मिलेगी सरकारी मंजूरी, नहीं तय होगी रिलीज तारीख
फिल्म की टीम को उम्मीद थी कि मंजूरी का मामला जल्द सुलझ जाएगा और सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
हालांकि, सलमान फिल्म में भारतीय सेना के एक अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए रिलीज से पहले सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां लेना जरूरी है।
इस देरी के कारण निर्माता फिल्म की रिलीज तारीख तय नहीं कर पा रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय से NOC मिलने तक 2027 के लिए भी रिलीज की तारीख तय करना मुश्किल है।