'रॉकी भाई' यश की कहानी, चाय पिलाने वाला लड़का कैसे बना 4,000 करोड़ी 'रामायण' का निर्माता?
क्या है खबर?
सुपरस्टार्स की सफलता के पीछे का संघर्ष अक्सर लोगों की नजरों से छिपा रह जाता है। कन्नड़ अभिनेता यश की फर्श से अर्श तक की कहानी भी ऐसी ही है। 16 की उम्र में सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से भागे यश का सपना केवल 'सुपरस्टार' बनना था। 'KGF' ने उनके करियर की दिशा बदल दी। आज वही यश 500 करोड़ के बजट वाली 'टॉक्सिक' और 4,000 करोड़ की भव्य 'रामायण' जैसी फिल्मों से बतौर अभिनेता और निर्माता जुड़े हैं।
संघर्ष
बस ड्राइवर के बेटे हैं 'रॉकी भाई' यश
यश का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा था। वो बेंगलुरु ट्रांसपोर्ट (BMTC) के बस ड्राइवर अरुण कुमार और गृहणी पुष्पा के बेटे हैं।
जब यश ने अभिनेता बनने की इच्छा जताई तो उनके माता-पिता ने एक साफ शर्त रखी थी कि वो अपने अभिनय के सपने को पूरा करने बेंगलुरु जा सकते हैं, लेकिन अगर वो इसमें असफल रहते हैं तो उन्हें अपना सपना छोड़कर वापस आना होगा और जीवन चलाने के लिए दूसरा काम ढूंढना होगा।
सपना
नाकामी के डर से ज्यादा बड़ा था सपना
यश ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें बेंगलुरु जैसे बड़े शहर से बिल्कुल डर नहीं लगा।
उन्हें बस एक ही बात का डर था कि अगर वो एक बार भी नाकाम होकर वापस घर लौटे तो उनके माता-पिता उन्हें दोबारा अभिनय में किस्मत आजमाने की इजाजत कभी नहीं देंगे।
माता-पिता की सख्त चेतावनी और अल्टीमेटम के बावजूद यश ने संघर्षों से डरने के बजाय अपने सपने को पूरा करने का रास्ता चुना।
छोटे-बड़े काम
पर्दे के पीछे लोगों को पिलाई चाय
सिनेमाघर से लेकर टीवी तक, यश ने इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए हर छोटा-बड़ा काम किया। उन्होंने के पीछे काम करने वाले लोगों को चाय परोसी, जहां उन्हें रोजाना सिर्फ 50 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी।
यश ने एक कन्नड़ निर्देशक के साथ बतौर सहायक निर्देशक भी काम किया। उनके अभिनय सफर की शुरुआत 'बेनक' थिएटर ग्रुप से हुई। साल 2004 में टीवी शो 'उत्तरायण' से एक्टिंग की शुरुआत करने के बाद उन्होंने धारावाहिक 'नंदा गोकुला' से पहचान बनाई।
फिल्मी सफर
'जांबड़ा हुडुगी' से 'KGF' तक का सफर
साल 2007 में फिल्म 'जांबड़ा हुडुगी' से डेब्यू करने के बाद यश ने 'गूगली' और 'मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी' जैसी कई हिट फिल्में दीं, लेकिन 2018 में आई 'KGF चैप्टर 1' ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।
फिल्म में 'रॉकी भाई' के रूप में यश के दमदार लुक और स्वैग ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद 'KGF 2' की ऐतिहासिक सफलता ने उन्हें पैन-इंडिया का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया।
जीवनशैली
यश की संपत्ति, समाज सेवा और आलीशान जीवनशैली
'रॉकी भाई' का निडर स्वभाव यश के असली जीवन के संघर्ष को दर्शाता है।
साल 2022 में आई 'KGF चैप्टर 2' ने दुनियाभर में 1,200 करोड़ से अधिक की कमाई कर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस सफलता के बावजूद यश अपनी जड़ों से जुड़े रहे और 2017 में पत्नी राधिका संग 'यशो मार्ग फाउंडेशन' की शुरुआत की।
आज यश 50-60 करोड़ रुपये की संपत्ति, बेंगलुरु में 6-7 करोड़ के आलीशान डुप्लेक्स और कई लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं।
प्रोडक्शन
अब सिर्फ अभिनेता नहीं, निर्माता भी बने यश
अब यश अपने करियर की सबसे महंगी फिल्मों के साथ नए दौर में कदम रख चुके हैं। वो लगभग 500 करोड़ के बजट में बन रही एक्शन फिल्म 'टॉक्सिक' में मुख्य हीरो का रोल निभाने के साथ इसके सह-निर्माता भी हैं।
इसके अलावा भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य फिल्म 'रामायण' में यश, 'रावण' के दमदार किरदार में नजर आएंगे।
4,000 करोड़ के बजट वाली इस 2-भागों की फिल्म को वो नमित मल्होत्रा के साथ मिलकर प्रोड्यूस भी कर रहे हैं।