भारत का बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में डंका, रीमा दास की 'नॉट अ हीरो' को खास सम्मान
क्या है खबर?
भारतीय सिनेमा और खासतौर पर असमिया फिल्मों के लिए बर्लिन से एक बड़ी अच्छी खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्देशक रीमा दास की नई फिल्म 'नॉट अ हीरो' ने 76वें बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में अपनी सफलता का परचम लहराया है। फिल्म को महोत्सव के प्रतिष्ठित 'जनरेशन केप्लस' सेक्शन में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। बच्चों की जूरी द्वारा सराही गई ये फिल्म न सिर्फ रीमा की प्रतिभा, बल्कि भारतीय कहानियों की वैश्विक पहचान को भी दर्शाती है।
सम्मान
'क्रिस्टल बियर स्पेशल मेंशन' से नवाजी गई रीमा दास की फिल्म
प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक रीमा दास द्वारा निर्देशित फिल्म 'नॉट अ हीरो' को 2026 बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 'क्रिस्टल बियर स्पेशल मेंशन' से सम्मानित किया गया है। इस फिल्म को युवा दर्शकों के साथ इसके गहरे जुड़ाव के लिए पहचाना गया और पिछले सप्ताह 'जनरेशन केप्लस कॉम्पिटिशन' सेक्शन में इसका प्रदर्शन किया गया। बर्लिन में हुआ ये प्रदर्शन फिल्म का 'वर्ल्ड प्रीमियर' (दुनिया में पहली बार प्रदर्शन) भी था।
आभार
रीमा दास ने जूरी और दर्शकों का किया धन्यवाद
इस सम्मान पर खुशी जताते हुए रीमा ने कहा कि ये पहचान उनके लिए बेहद मायने रखती है। उन्होंने एक बयान में कहा, "नॉट अ हीरो बच्चों को करीब से सुनने, उन पर भरोसा करने, उनकी शांत ताकत, उनके साहस और अपनी पसंद का इंसान बनने के उनके अधिकार को ध्यान में रखकर बनाई गई है। मैं 'जनरेशन जूरी', इसकी टीम और उन दर्शकों की आभारी हूं, जिन्होंने इस फिल्म को इतनी खुले दिल और प्यार के साथ अपनाया।"
कहानी
शहर और गांव के बीच, जीवन और साहस की खोज
शहर और गांव की पृष्ठभूमि में बुनी 'नॉट अ हीरो' एक छोटे लड़के की कहानी है, जो अनजान दुनिया में कदम रखता है। शहर की सुविधाओं से दूर अपने गांव भेजे जाने पर वो एक घोड़े से दोस्ती करता है और स्थानीय बच्चों के साहसिक कारनामों में शामिल होता है। इस दौरान वो जीवन की सुंदरता और एक अदृश्य साहस की खोज करता है। असमिया, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में शूट हुई इस फिल्म के हीरो भुमन भार्गव दास हैं।