राजपाल यादव को किसने धमकाया? 10 करोड़ दो, वरना तुम्हारा एक-एक इंच बिकवा दूंगा
क्या है खबर?
चेक बाउंस के एक पुराने मामले में घिरे राजपाल यादव ने कई बड़े खुलासे किए हैं। अभिनेता का दावा है कि उनके पास फिलहाल 1,200 करोड़ रुपये की कीमत वाले बड़े प्रोजेक्ट कतार में हैं, फिर भी शिकायतकर्ता उनकी संपत्ति के कागज लेने को तैयार नहीं है। राजपाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सामने वाला पक्ष समझौता करने के बजाय उन्हें सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे देखना चाहता है।
दावा
ब्याज की ऊंची दर से राजपाल की देनदारी हुई 10.40 करोड़
राजपाल ने अपने खिलाफ चल रहे चेक बाउंस मामले को लेकर अपने वकील भास्कर उपाध्याय के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। साल 2010 में राजपाल की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' के लिए उद्योगपति माधव गोपाल अग्रवाल (मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) ने 5 करोड़ रुपये का निवेश किया था। राजपाल के वकील ने दावा किया कि इस राशि पर बहुत ऊंची दर से ब्याज वसूला गया, जिससे कुल देनदारी बढ़कर 10.40 करोड़ रुपये हो गई।
आरोप
शिकायतकर्ता का मकसद जेल, पैसा नहीं
राजपाल के वकील ने शिकायतकर्ता के दावों को झूठा बताते हुए कहा, "उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनका इरादा राजपाल को जेल भेजने का कभी नहीं था। ये पूरी तरह असत्य है। साल 2018 में ही राजपाल ने अदालत में सुरक्षा राशि जमा कर दी थी और वो अपनी संपत्ति के कागजात कुर्क करने के लिए भी तैयार थे, लेकिन माधव गोपाल अग्रवाल ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय उन्हें जेल भेजना चुना।"
मकसद
छवि धूमिल करने की साजिश
वकील ने अपनी बात को और कड़ा करते हुए कहा, "शिकायतकर्ता केवल झूठ फैला रहे हैं और राजपाल की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्होंने उस वक्त सुरक्षा राशि स्वीकार कर ली होती तो ये मामला साल 2018 में ही खत्म हो गया होता। उनका इरादा कभी पैसा वसूलना था ही नहीं, उनका एकमात्र मकसद राजपाल को जेल की सलाखों के पीछे देखना था।" उन्होंने इसे 'बदले की भावना' से की गई कार्रवाई करार दिया।
बयान
राजपाल बोले- मैंने कई दफा मुफ्त में काम किया
उधर राजपाल बोले, "जब भी किसी निर्माता को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा, मैंने कई बार बिना एक पैसा लिए काम किया। मैंने अपने गांव को गाेद लिया है और निरंतर इसके विकास में अपना योगदान दे रहा हूं।" एक्टर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस किसी बड़े मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि उन छोटे शहरों से आने वाले नए और संघर्ष करने वाले कलाकारों को मौका देने के लिए खोला था, जिनका कोई गॉडफादर नहीं है।
वादा
राजपाल मदद करने वालों को सम्मानपूर्वक लौटाएंगे एक-एक पैसा
राजपाल ने कहा कि वो उन सभी लोगों को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद देंगे, जिन्होंने उनके बुरे वक्त में आर्थिक साथ दिया। उन्होंने मदद करने वालों से बैंक खाते का विवरण मांग वादा किया कि वो पाई-पाई सम्मान के साथ वापस लौटाएंगे, बस उन्हें थोड़ा समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जेल हो या बाहर, वो एक राजा की तरह जिएंगे और भागेंगे नहीं। वो देश के उन बच्चों और प्रशंसकों के प्यार के कर्जदार रहेंगे, जो उनके साथ खड़े रहे।
वर्कफ्रंट
राजपाल के पास आगे 1,200 करोड़ के प्रोजेक्ट और 10 फिल्में
राजपाल ने बताया कि पिछले 10 सालों में सीखे गए सबक उनके पेशेवर सफर में काम आए हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले 7 वर्षों में उनके पास ब्रांडिंग से जुड़ा 1,200 करोड़ रुपये का काम है, जिसके लिए उनके पास 4 एग्रीमेंट पहले से मौजूद हैं। इसमें फिल्में शामिल नहीं हैं। कुछ प्रोजेक्ट्स 200 करोड़, कुछ 2,000 करोड़ के हैं, जिसमें उनकी फीस और हिस्सेदारी शामिल है। इसके अलावा, फिलहाल उनके पास 10 फिल्में लाइन में हैं।
धमकी
शिकायतकर्ता ने राजपाल को दी धमकी?
राजपाल ने शिकायतकर्ता माधव गोपाल अग्रवाल पर आरोप लगाया कि उसने ये सब उनसे बदला लेने के लिए किया है। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें धमकी दी गई थी, "अगर तुमने हमें 10.40 करोड़ रुपये नहीं दिए तो तुम्हारा एक-एक इंच बिकवा दूंगा।" अभिनेता ने अफसोस जताते हुए कहा कि काश उनके पास इस बातचीत की रिकॉर्डिंग होती। राजपाल बोले कि उन्होंने कभी गलत तरीके से बाहर निकलने की कोशिश नहीं की। वो बस चाहते हैं अदालत उनका पक्ष सुने।