पूनम ढिल्लों ने CINTAA चुनाव को अवैध करार दिया, अब अदालत तय करेगी भविष्य
पूनम ढिल्लों ने हाल ही में हुए CINTAA के दोबारा चुनावों को चुनौती दी है। इन चुनावों को FWIC ने इस साल 12 सितंबर को करवाया था।
ये चुनाव तब हुए थे, जब अंदरूनी विवादों के चलते आधी से ज्यादा एग्जीक्यूटिव कमिटी के सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
पूनम की टीम ने इन चुनावों में भाग नहीं लिया और अब वे कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को अदालत में होनी तय हुई है।
पूनम ने इन चीजों पर उठाए सवाल
पूनम का कहना है कि अदालत की मंजूरी के बिना ये चुनाव सही नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब CINTAA का कार्यकाल 2027 तक खत्म ही नहीं हो रहा था, तो FWIC ने चुनाव क्यों करवाए?
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि वोट डालने के लिए योग्य सदस्यों की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। सदस्यों के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए, जिसकी वजह से वोटिंग से ठीक पहले एक तीखी बहस भी हुई थी।
पूनम ने साफ कहा, "हमने इन चुनावों में भाग नहीं लिया, क्योंकि हम इन्हें मान्यता नहीं देते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं 26 अक्टूबर तक इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ती रहूंगी।"