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'पद्मावत' के लेखक का स्वरा भास्कर पर करारा पलटवार- अब खराब नीयत वालों को क्या कहूं?
स्वरा भास्कर को 'पद्मावत' के लेखक ने दिया जवाब

'पद्मावत' के लेखक का स्वरा भास्कर पर करारा पलटवार- अब खराब नीयत वालों को क्या कहूं?

Sep 03, 2026
10:04 am

क्या है खबर?

फिल्म 'पद्मावत' में जौहर के दृश्य को लेकर शुरू हुए विवाद पर सह-लेखक प्रकाश कपाड़िया ने फिल्म का बचाव किया है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा इस दृश्य में यौन हिंसा और महिलाओं के सम्मान के चित्रण की आलोचना किए जाने के बाद कपाड़िया ने साफ कहा कि ये दृश्य गहन शोध और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। उनके अनुसार, ये उस काल की वास्तविक स्थिति और परिस्थितियों का सटीक चित्रण है, जिसे बदला नहीं जा सकता।

बयान

"सच्चाई को बदला नहीं जा सकता"

संजय लीला भंसाली की इस फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कपाड़िया ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "हमने ये फिल्म अपनी रिसर्च और इतिहास की किताबों में दर्ज तथ्यों के अनुसार ही बनाई है। हर व्यक्ति फिल्म को अपने-अलग नजरिए से देखता है। हमने जौहर वाले दृश्य सहित जो भी दिखाया, वो उस दौर की कड़वी सच्चाई थी, जिसे अब बदला नहीं जा सकता। वो 'करो या मरो' की स्थिति थी। वे पुरुष योद्धा केसरिया बाना पहनकर मैदान में उतरे थे।"

विवाद

जौहर और केसरिया का इतिहास अटूट, बहस अकारण- कपाड़िया

लेखक राजपूत परंपरा 'केसरिया' का संदर्भ दे रहे थे, जिसमें पुरुष योद्धा केसरिया कपड़े पहनकर इस संकल्प के साथ युद्ध के मैदान में उतरते थे कि उनका जीवित वापस लौटना लगभग असंभव है, वहीं 'पद्मावत' का जौहर दृश्य दिखाता है कि राजपूत सेना की हार के बाद यौन हिंसा से बचने के लिए सैकड़ों महिलाओं ने मृत्यु को चुना।

कपाड़िया ने स्वरा भास्कर द्वारा शुरू की गई इस बहस को पूरी तरह अकारण और गैर-जरूरी बताते हुए खारिज कर दिया।

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तंज

"खराब नीयत से देखोगे तो अच्छी फिल्म भी बेकार लगेगी"

कपाड़िया ने बातचीत में आगे कहा, "ये देखने वाले के मूड पर निर्भर करता है। अगर कोई बेहतरीन फिल्म भी है और आप उसे खराब मन से देखते हैं तो आपको वो बेकार ही लगेगी। ये आपकी नीयत पर भी निर्भर करता है कि आप उसे एक दर्शक के रूप में देख रहे हैं या फिर उसमें विवाद और नकारात्मकता ढूंढने के इरादे से देख रहे हैं। तो अब मैं क्या कहूं? लोग जो कहना चाहते हैं, उन्हें कहने दीजिए।"

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ऐतराज

'पद्मावत' के जौहर सीन पर स्वरा भास्कर ने जताया था ऐतराज

बता दें कि दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने 'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर अपनी आलोचना दोहराई।

उन्होंने सवाल उठाया कि ये चित्रण यौन हिंसा की पीड़िताओं को क्या संदेश देता है।

स्वरा ने कहा, "अगर मैं कोई रेप पीड़िता होती तो यह फिल्म मुझे कैसा महसूस कराती? मुझे लगता कि मैं कायर हूं, क्योंकि मैंने अपना 'सम्मान' बचाने के लिए खुद को नहीं मारा।" उन्होंने गर्भवती महिला वाले दृश्य पर भी गहरा ऐतराज जताया था।

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