'ओ रोमियो' बचाने अदालत पहुंचे निर्माता, बुकमायशो से रातों-रात गायब हुई फिल्म की रेटिंग और रिव्यू
क्या है खबर?
शाहिद कपूर इन दिनों फिल्म 'ओ रोमियो' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। वैलेंटाइन डे के मौके पर दर्शकों के बीच आई उनकी इस फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। एक ओर जहां शाहिद फिल्म के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर एक बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। दरअसल, एक अदालती आदेश के बाद टिकटिंग प्लेटफॉर्म 'बुकमायशो' से फिल्म की रेटिंग और दर्शकों की समीक्षाओं को हटा दिया गया है।
आदेश
अब 'बुकमायशो' पर कोई भी नहीं देख सकेगा 'ओ रोमियो' की रेटिंग
निर्माताओं ने जानबूझकर खराब रेटिंग देना और नकारात्मक प्रचार को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बुकमायशो से रेटिंग वाले सेक्शन को बंद ही कर दिया गया है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में ये अपनी तरह का पहला मामला है। 'ओ रोमियो' के बुकमायशो पेज पर अब दर्शकों की रेटिंग और समीक्षाओं का सेक्शन देखने को नहीं मिलेगा। इससे होगा ये कि अब कोई भी नया यूजर फिल्म की रेटिंग नहीं देख सकेगा।
कानूनी रास्ता
'ओ रोमियो' को खराब रेटिंग से बचाने के लिए लिया कानूनी कदम
बॉलीवुड में ये पहली बार है, जब किसी फिल्म के निर्माताओं ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दर्शकों की रेटिंग और रिव्यू हटवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। ये कदम 'ओ रोमियो' को जानबूझकर खराब रेटिंग और नकारात्मक प्रचार से बचाने के लिए उठाया गया। पिछले कुछ समय में देखा गया है कि फिल्में रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया जाता है, जिससे उनकी कमाई प्रभावित होती है। इसी वजह से निर्माताओं ने ये कानूनी रास्ता अपनाया है।
कारोबार
'ओ रोमियो' ने 2 दिन में की इतनी कमाई
इस पूरे घटनाक्रम और कानूनी कार्रवाई को लेकर फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की इस फिल्म ने अपनी रिलीज के शुरुआती 2 दिनों में भारतीय बाजार से कुल 23.51 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है। फिल्म ने पहले दिन 9 करोड़ तो दूसरे दिन 14 करोड़ रुपये जुटाए हैं। नाना पाटेकर और अविनाश तिवारी भी इस फिल्म का हिस्सा हैं।
उपाय
बॉलीवुड में पहली बार, पर साउथ में पहले ही अपनाई जा चुकी ये रणनीति
भले ही बॉलीवुड में रेटिंग्स हटाने का यह पहला मामला हो, लेकिन साउथ फिल्म इंडस्ट्री में इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। मेगास्टार चिरंजीवी की फिल्म 'मन शंकर वर प्रसाद गरु' के दौरान भी 'रिव्यू बॉम्बिंग' के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाए गए थे। इस फिल्म के समय 'बुकमायशो' जैसी साइटों पर संगठित तरीके से नकारात्मक रेटिंग दी जा रही थी। इसके खिलाफ निर्माताओं ने कानूनी रास्ता अपनाया था ताकि फिल्म के बिजनेस को नुकसान न हो।