
अब 'अनुच्छेद 370' पर बनेेंगी कई फिल्में, बॉलीवुड निर्माताओं ने रजिस्टर करवाए ये टाइटल्स
क्या है खबर?
जम्मू-कश्मीर को लेकर सोमवार को ऐतिहासिक फैसला आया।
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला लिया है।
जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है।
इसके बाद से लगातार 'अनुच्छेद 370' और 'धारा 35A' सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
वहीं, बॉलीवुड फिल्ममेकर्स भी इस पर फिल्म बनाने की रेस में शामिल हो गए हैं।
रिपोर्ट
फिल्ममेकर्स ने इन टाइटल्स को करवाया रजिस्टर
इस समय बॉलीवुड में देश भक्ति और हॉट टापिक्स पर फिल्में बनाने का सिलसिला तेजी से चल रहा है।
ऐसे में अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद से फिल्म निर्माता इस पर फिल्म बनाने के लिए लगातार टाइटल रजिस्टर करवा रहे हैं।
लिव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा जिन टॉपिक्स की मांग है वह हैं '370 आर्टिकल', 'आर्टिकल 35A स्क्रैप्ड', 'कश्मीर में तिरंगा' और 'कश्मीर हमारा है' मुख्यत: हैं।
अन्य मुद्दा
सर्जिकल स्ट्राइक पर बन चुकी है फिल्म
वैसे भी यह पहली बार नहीं है जब ऐसे किसी मुद्दे पर फिल्म बनेगी।
इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण इसी साल रिलीज़ हुई 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' है।
इसने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया था।
'उरी' में विक्की कौशल, यामी गौतम और परेश रावल मुख्य किरदारों में थे। फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया था।
इसकी कहानी 8 सितम्बर, 2016 को उरी सेक्टर के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले पर आधारित थी।
आइडिया
'एयर स्ट्राइक' के बाद भी रजिस्टर करवाए गए थे कई टाइटल
वहीं, इसके पहले पाकिस्तान के बालाकोट में भारत द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद भी निर्माताओं द्वारा टाइटल्स रजिस्टर करवाए गए थे।
इनमें 'पुलवामा: द सर्जिकल स्ट्राइक', 'वार रूम', 'हिंदुस्तान हमारा है', 'पुलवामा टेरर अटैक', 'द अटैक्स ऑफ पुलवामा', 'विद लव, फ्रॉम इंडिया', 'एटीएस: वन मैन शो' आदि शामिल थे।
मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को हुए आतंकी हमले में 40 से ज़्यादा जवान शहीद हुए थे जिसके बाद एयर स्ट्राइक की गई थी।
जानकारी
देशभक्ति पर बनी फिल्में बनाने में पीछे नहीं रहते हैं निर्माता
मालूम हो कि इन दिनों देशभक्ति और सच्ची घटनाओं पर बनीं फिल्में दर्शकों द्वारा काफी पसंद की जाती हैं। ऐसे में निर्माता भी इस तरह की फिल्में बनाने में पीछे नहीं रहते हैं। इनमें 'केसरी' और 'बॉर्डर' जैसी फिल्में शामिल हैं।