मध्य पूर्व का दिल दहला देने वाला मंजर देख कांप उठीं नोरा फतेही, की ये अपील
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष और अशांति के बीच अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही का दर्द छलक पड़ा है। वहां से आ रही तबाही की तस्वीरों और वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नोरा ने कहा कि इन भयानक दृश्यों ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अभिनेत्री ने दुनियाभर के लोगों से इस संकट की घड़ी में एकजुट होने और प्रार्थना करने की मार्मिक अपील की है।
राहत
नोरा ने फैंस को दी राहत, बोलीं- सुरक्षित हूं और भारत में हूं
मध्य पूर्व में युद्ध के गहराते बादलों और बढ़ती सैन्य हलचल के बीच नोरा ने अपने फैंस को राहत दी है। दुबई में रहने वाली नोरा को लेकर प्रशंसक लगातार उनकी सुरक्षा के लिए दुआएं कर रहे थे, जिस पर अब अभिनेत्री ने खुद सामने आकर बात की है। नोरा ने बताया कि वो सुरक्षित हैं और फिलहाल भारत में हैं। हालांकि, अपनी सुरक्षा की जानकारी देने के साथ ही नोरा ने वहां के हालातों पर गहरा दुख जताया है।
डर
हर दिन लोग डर के साए में जी रहे हैं- नोरा
नोरा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फॉलोअर्स को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य पूर्व से आ रही तबाही की तस्वीरों ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, "मैं पूरी तरह विचलित महसूस कर रही हूं। हर दिन लोग इस डर में जी रहे हैं कि कल क्या होगा। क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसके विजुअल्स देखकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है।"
शांति पर जोर
मासूमों की सुरक्षा और शांति की जरूरत
नोरा ने कहा, "हर दिन लोग इस डर में जी रहे हैं कि कल क्या होगा। क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसके विजुअल्स देखकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है।" युद्ध के बढ़ते खतरों पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "हम नहीं चाहते कि और मासूम जानें जाएं। हम पहले ही बहुत कुछ देख चुके हैं और अब ये बंद होना चाहिए। इस समय दुनिया को शांति और स्थिरता की सबसे ज्यादा जरूरत है।"
चेतावनी
दुनिया की परिस्थितियों पर नोरा का संदेश
नोरा फतेही ने दुनिया में लगातार हो रहे संघर्षों और त्रासदियों पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि लोग अब भावनात्मक रूप से पूरी तरह थक चुके हैं। उन्होंने एक बड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हालात सुधरने से पहले अभी और बिगड़ेंगे और दुनिया एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। नोरा ने अंत में कहा कि वैश्विक परिस्थितियां हमारे हाथ में नहीं हैं, इसलिए हमें केवल अपनी आस्था, प्रार्थना और एकजुटता पर ध्यान देना चाहिए।