रिलीज से पहले ही 'मारण' ने जीता राष्ट्रीय पुरस्कार, जानें क्यों खास है ये फिल्म
अभिषेक जैन की फिल्म 'मारण' ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म का खिताब जीत लिया है। दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म अभी तक सिनेमाघरों में रिलीज भी नहीं हुई है।
इसने पहले ही विदेशों में भी अपनी पहचान बना ली है। साल 2024 में शिकागो साउथ एशियन फेस्टिवल में इसे पुरस्कार मिल चुका है।
इस जीत से गुजराती सिनेमा को काफी बढ़ावा मिला है और यह साबित करता है कि दमदार कहानी कितनी गहरा प्रभाव डाल सकती है।
अभिषेक जैन बोले- 'मारण' में महिलाओं की कैद को दिखाना थी एक बड़ी बात
निर्देशक अभिषेक जैन ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी सालों की मेहनत का एक बड़ा सबूत है। खासकर इसलिए क्योंकि 'मारण' महिलाओं की कैद जैसे विषय को उठाती है, जिसे गुजराती सिनेमा में कम ही दिखाया जाता है।
मुख्य अभिनेता यश सोनी ने बताया कि यह किरदार उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि ऐसी भूमिका उन्होंने पहले कभी नहीं निभाई थी। वहीं, दीक्षा जोशी ने इसे अब तक का अपना सबसे सार्थक प्रोजेक्ट बताया। उनका कहना था कि इस फिल्म ने उनके अभिनय के प्रति जुनून को फिर से जगा दिया है।