मनोज बाजपेयी को इस फिल्म ने बनाया था सुपरस्टार, रातों-रात जाग उठी किस्मत
क्या है खबर?
मनोज बाजपेयी का हर किरदार लोगों के दिल और दिमाग पर गहन छाप छोड़ देता है। एक वक्त था जब बिहार के छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने मायानगरी मुंबई का सफर तय किया और पहचान बनाने के लिए सालों तक संघर्ष किया। निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' (1994) ने उनकी किस्मत खोल दी और उन्हें अपने करियर की सबसे उम्दा फिल्म मिल गई। इस फिल्म का नाम 'सत्या' है, जिसका निर्देशन राम गोपाल वर्मा ने किया था।
उड़ान
'भीकू म्हात्रे' बनकर मनोज बाजपेयी ने बॉलीवुड में भरी उड़ान
साल 1998 में रिलीज इस फिल्म में अभिनेता ने 'भीकू म्हात्रे' का किरदार निभाया। उनका यह किरदार था तो गैंगस्टर का, लेकिन मनोज ने अपने अभिनय में जो जान फूंकी थी, उससे वह रातों-रात लोगों की नजरों में आ गए थे। नतीजन उनके संघर्ष के दिन खत्म हुए और उनकी किस्मत की गाड़ी चल पड़ी। फिल्म में जेडी चक्रवर्ती और उर्मिला मातोंडकर भी मुख्य किरदार में थे। फिल्म की कहानी अनुराग कश्यप और सौरभ शुक्ला ने मिलकर लिखी थी।
फिल्में
बॉलीवुड से OTT तक पर जमाई धाक
'सत्या' के बाद भी उनके शानदार फिल्मों का सफर जारी रहा। फिल्म 'शूल' (1999) में उन्होंने पुलिस वाला बनकर भ्रष्टाचार पर प्रहार किया, तो 'जुबैदा' (2001) में 'महाराजा विजयेंद्र सिंह' का किरदार निभाकर जनता का दिल जीत लिया। फिर 'पिंजर', 'अलीगढ़', 'राजनीति', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'स्पेशल 26' जैसी फिल्में कीं। मनोज को OTT का सुपरस्टार भी कहा जाता है और इसका श्रेय उनकी सीरीज 'द फैमिली मैन' को जाता है। अमेजन प्राइम वीडियो पर इसके 3 सीजन मौजूद हैं।