नडिगर संगम के नेताओं की बढ़ीं मुश्किलें, मद्रास हाई कोर्ट ने लिया यह फैसला
मद्रास हाई कोर्ट ने नडिगर संगम के शीर्ष नेताओं, नासेर, विशाल कृष्णा और कार्थी से जुड़े एक मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया है।
यह मामला इस सवाल पर आधारित है कि आखिर बिना चुनाव कराए उनका कार्यकाल 2028 तक क्यों बढ़ाया गया।
नडिगर के सदस्य वी. नांबिराजन ने यह याचिका तब दायर की, जब 2024 की वार्षिक आम सभा में एक फैसले के जरिए इन नेताओं को 3 साल और पद पर बने रहने की इजाजत दी गई।
मद्रास हाई कोर्ट दोनों पक्षों को सुनेगा
नडिगर के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि यह कार्यकाल विस्तार तमिलनाडु सरकार के एक आदेश के आधार पर किया गया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चुनाव कराने में बहुत पैसा खर्च होगा और इससे उनके कन्वेंशन हॉल प्रोजेक्ट में भी देरी हो सकती है।
हालांकि, नांबिराजन का दावा है कि वह सरकारी आदेश वैध नहीं था, क्योंकि वह नेताओं का नया कार्यकाल शुरू होने के बाद जारी हुआ था।
उनका यह भी कहना है कि चुनाव और प्रोजेक्ट दोनों के लिए पर्याप्त पैसा मौजूद है। कोर्ट इस मामले में कोई भी अंतिम फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों की पूरी बात सुनेगा।