
'इमरजेंसी': अदालत का सेंसर बोर्ड को निर्देश, कहा- मंजूरी देने से पहले आपत्तियों पर विचार करें
क्या है खबर?
कंगना रनौत अपनी फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं।
उनकी यह फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सिख समुदाय फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है, जिसके चलते फिल्म की रिलीज टल गई है।
बीते दिन 'इमरजेंसी' के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट
याचिका में क्या कहा गया?
आज यानी 3 सितंबर को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को निर्देश दिया कि मंजूरी देने से पहले सिख समुदाय द्वारा फिल्म के ट्रेलर पर उठाई गई आपत्तियों पर विचार करें।
बता दें कि याचिका में कहा गया था, फिल्म के ट्रेलर में सिख समुदाय को अत्यंत नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है, जिससे देश में सांप्रदायिक द्वेष उत्पन्न हो सकता है।
विवाद
फिल्म को लेकर क्या है विवाद?
शिरोमणि अकाल दल और सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने फिल्म पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
'इमरजेंसी' पर सिख समुदाय को हत्यारा दिखाने का आरोप लगाया है।
यह फिल्म 1975 में देश में लगी इमरजेंसी और उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की एक सिख द्वारा की गई हत्या को दिखाती है।
विवाद तब उठा, जब फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। इस बाबत सिख समुदाय कंगना और सेंसर बोर्ड को कानूनी नोटिस भेज चुकी है।