AI और पायरेसी से खतरे में सिनेमा, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने की कॉपीराइट कानून बदलने की मांग
केरल के नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने फिल्म इंडस्ट्री को पायरेसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरों से बचाने के लिए देश के कॉपीराइट कानूनों में तुरंत सुधार की मांग की है। 11 सितंबर को आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि पायरेसी से सिनेमा जगत को भारी नुकसान हो रहा है, जो करोड़ों रुपये के निवेश और हजारों लोगों की कड़ी मेहनत पर टिका है।
सतीशन ने इंटरनेट पर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के बन रहे डीपफेक और फर्जी वीडियो पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उससे निपटने के लिए हमारे कानूनी सिस्टम को भी उतना ही आधुनिक और सख्त बनाना होगा।
13 सितंबर तक चलेगा डिजिटल कॉपीराइट पर सेमिनार
केरल ज्यूडिशियल एकेडमी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (NUALS) के संयुक्त तत्वावधान में इस खास सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। 13 सितंबर तक चलने वाले इस सेमिनार में पायरेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कॉपीराइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों पर गंभीर मंथन हो रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए केरल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सौमेन सेन ने कहा कि कानून, संगीत और सिनेमा भले ही अलग-अलग क्षेत्र दिखते हों, लेकिन ये सभी मानवीय व्यवहार और भावनाओं से गहराई से जुड़े हैं। इस सेमिनार में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।