कंगना रनौत ने एआर रहमान को लताड़ा, बोलीं- आप नफरत में अंधे हो चुके हैं
क्या है खबर?
मशहूर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत और दिग्गज संगीतकार एआर रहमान के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कंगना ने रहमान पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'नफरत में अंधा' और 'अत्यधिक पक्षपाती' करार दिया है। कंगना ने दावा किया है कि रहमान ने उनकी फिल्म 'इमरजेंसी' की स्क्रिप्ट सुनने तक से इनकार कर दिया था और इसे एक 'प्रोपेगेंडा फिल्म' बताया था।
नाराजगी
रहमान की 'छावा' पर टिप्पणी से भड़कीं कंगना
कंगना ने ऑस्कर विजेता संगीतकार रहमान पर अपनी पुरानी भड़ास निकालते हुए उन्हें एक बेहद संकीर्ण सोच वाला इंसान बताया है। पूरे मामले की शुरुआत रहमान के एक हालिया इंटरव्यू से हुई, जिसमें उन्होंने विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' को लेकर विवादित टिप्पणी की। रहमान ने इस ऐतिहासिक फिल्म को समाज को बांटने वाली फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म बहादुरी तो दिखाती है, लेकिन यह समाज में विभाजन पैदा करके उसका फायदा उठाने की कोशिश करती है।
निशाना
कंगना ने रहमान को बताया सबसे ज्यादा पक्षपाती
रहमान के इस बयान पर भड़कीं कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट साझा किया। उन्होंने लिखा, 'प्रिय एआर रहमान जी, मुझे फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पक्षपात सहना पड़ता है, क्योंकि मैं एक दक्षिणपंथी विचारधारा वाली पार्टी का समर्थन करती हूं, लेकिन मुझे कहना होगा कि मैंने अपने जीवन में आपसे ज्यादा पक्षपाती और नफरत से भरा आदमी नहीं देखा।" कंगना ने ये भी बताया कि वो 'इमरजेंसी' में रहमान को संगीतकार के तौर पर लेना चाहती थीं।
दावा
रहमान ने कंगना से मिलने से किया इनकार
कंंगना अपने पोस्ट में आगे लिखती हैं कि रहमान ने उनके निर्देशन में बनी फिल्म 'इमरजेंसी' की कहानी सुनना तो दूर, उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया था। कंगना ने बताया कि उन्हें संदेश दिया गया था कि रहमान किसी 'प्रोपेगेंडा फिल्म' का हिस्सा नहीं बनना चाहते। कंगना ने आगे लिखा कि जहां विपक्षी नेताओं और समीक्षकों ने 'इमरजेंसी' को एक संतुलित और बेहतरीन फिल्म बताया, वहीं रहमान अपनी नफरत की वजह से इसे देख तक नहीं पाए।
हमला
रहमान पर कंगना का तीखा वार
कंगना ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, 'मुझे आपके लिए दुख होता है, आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं।' बता दें कि कंगना की फिल्म 'इमरजेंसी' पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 21 महीने के आपातकाल पर आधारित है। फिल्म में कंगना ने खुद इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। फिल्म को लेकर लंबे समय तक सेंसर बोर्ड और सिख संगठनों के साथ विवाद चला था, जिसके बाद यह रिलीज हो पाई थी।