
कंगना रनौत को 'इमरजेंसी' के लिए मिला ये तोहफा, अभिनेत्री बोलीं- कई बेकार ट्रॉफियों से बेहतर
क्या है खबर?
कंगना रनौत एक शानदार अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक बेहतरीन निर्देशक भी हैं और 'इमरजेंसी' के जरिए उन्होंने यह साबित भी कर दिया है।
भले ही उनकी इस फिल्म को लेकर दुनियाभर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी फेल हो गई, लेकिन कंगना और उनके फैंस के लिए यह फिल्म बेहद खास है।
हाल ही में उन्होंने 'इमरजेंसी' के लिए मिले अपने एक तोहफे के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी।
फिल्म
OTT पर स्ट्रीम हो रही 'इमरजेंसी'
कंगना की फिल्म 'इमरजेंसी' इन दिनों OTT पर स्ट्रीम हो रही है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन OTT पर इसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।
कंगना ने भी अपनी हालिया इंस्टाग्राम स्टोरी पर बताया कि उनकी फिल्म को काफी पसंद किया जा रहा है और उन्हें इसके लिए एक ऐसा तोहफा मिला है, जो उनके लिए कई ट्रॉफियों से भी बेहतर है।
तोहफा
कंगना को मिली कांजीवरम साड़ी
कंगना ने एक पत्र की तस्वीर साझा की, जो किसी ने उनके लिए लिखा है। इसे लिखने वाले ने कंगना की फिल्म 'इमरजेंसी' की तारीफ की है। इसी लेटर को अपनी स्टोरी पर साझा करते हुए अभिनेत्री ने लिखा, 'यह बहुत खूबसूरत और बढ़िया है। मुझे 'इमरजेंसी' बनाने के लिए एक शानदार बुनाई वाली कांजीवरम साड़ी मिली है। ये बेकार की कई ट्रॉफियां पाने से बेहतर है।'
कंगना ने अप्रत्यक्ष रूप से फिर पुरस्कार समारोहों पर निशाना साधा है।
पोस्ट
अपने पास रखो ऑस्कर- कंगना
बता दें कि जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने 'इमरजेंसी' को भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजने की मांग उठाई थी तो कंगना ने अपने जवाब में लिखा था, 'लेकिन अमेरिका कभी भी अपने असली चेहरे को स्वीकार नहीं कर पाएगा कि वह विकासशील देशों को किस तरह से धमकाता और डराता है। यह तमाम चीजें 'इमरजेंसी' में दिखाई गई हैं। वे अपना मूर्खतापूर्ण ऑस्कर अपने पास आराम से रख सकते हैं, क्योंकि हमारे पास राष्ट्रीय पुरस्कार हैं।'
फिल्म
'इमरजेंसी' के बारे में
'इमरजेंसी' 17 जनवरी को सिनेमाघरों में आई थी और 14 मार्च को यह नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी।
'इमरजेंसी' में अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन और दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक जैसे कई कलाकार भी हैं।
इस फिल्म में कंगना ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। फिल्म की कहानी 'इमरजेंसी' के दौर की है और इसमें इंदिरा की पूरी जीवनी दिखाई गई है।
फिल्म की निर्माता-निर्देशक और लेखक भी कंगना ही हैं।