'जन नायकन' निर्माताओं को राहत नहीं, मद्रास हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
क्या है खबर?
थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज का रास्ता साफ होते दिखाई नहीं दे रहा। 20 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से संबंधित मामले पर सुनवाई की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीशों की पीठ ने दोनों पक्षों का तर्क सुना। कई घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया, लेकिन अगली तारीख का उल्लेख नहीं किया है। इसका मतलब है कि अदालत फैसला बाद में सुनाएगा।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखिए पोस्ट
BREAKING: Chief Justice Bench of Madras High Court has reserved orders for #JanaNayagan CBFC case without mentioning a date. Postponed. pic.twitter.com/XZEuDmtomj
— LetsCinema (@letscinema) January 20, 2026
सुनवाई
'जन नायकन' को 22 देशों में मिली हरी झंडी
'जन नायकन' निर्माताओं ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि फिल्म को 22 देशों से प्रमाण पत्र मिल चुका है। उधर सेंसर बोर्ड ने अदालत को तर्क दिया कि फिल्म में सशस्त्र बलों को ठीक से न दिखाए जाने की शिकायत है। उनके चित्रण के दौरान कुछ प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। बोर्ड ने यह भी तर्क दिया कि पिछले उच्च न्यायालय मामले में सेंसर बोर्ड को जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया था।
रिलीज
9 जनवरी को रिलीज होनी थी 'जन नायकन'
KVN प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म 'जन नायकन' 9 जनवरी को रिलीज होनी तय थी। हालांकि रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया जिसके चलते रिलीज अधर में लटक गई। निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट में बोर्ड के खिलाफ याचिका दायर की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख भी किया लेकिन अभी तक फिल्म की रिलीज पर उन्हें हरी झंडी नहीं मिल सकी है।