'जन नायकन' हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी फंसेगी? सेंसर बोर्ड ने बिछाया जाल
क्या है खबर?
थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। मद्रास हाई कोर्ट से जीत मिलने के बाद अब सेंसर बोर्ड (CBFC) ने निर्माताओं को घेरने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी अपना जाल बिछा दिया है। हाई कोर्ट द्वारा फिल्म का U/A सर्टिफिकेट रद्द किए जाने के फैसले के बाद बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में 'कैविएट' दाखिल कर दी है। लिहाजा अब फिल्म की रिलीज की राह और भी कठिन हो गई है।
कदम
हाई कोर्ट के फैसले के बाद CBFC ने सुप्रीम कोर्ट में डाली कैविएट
सेंसर बोर्ड ने सिंगल जज के फैसले को मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। 27 जनवरी को डिवीजन बेंच ने CBFC की अपील स्वीकार करते हुए सिंगल जज के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने की बात कही गई थी। हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद निर्माता सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। इसे देखते हुए CBFC ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।
प्रभाव
कैविएट का असर
कैविएट दाखिल होने के बाद अगर फिल्म निर्माता सुप्रीम कोर्ट जाते हैं तो अदालत कोई भी सुनवाई करने या फैसला सुनाने से पहले CBFC को नोटिस देगी। मतलब ये कि कोर्ट बिना CBFC की दलीलें सुने फिल्म को सर्टिफिकेट देने या रिलीज करने का आदेश नहीं दे सकेगा। इससे निर्माताओं को तुरंत राहत मिलने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। एक बार कैविएट दाखिल होने के बाद यह आमतौर पर 90 दिनों तक प्रभावी रहती है।
कारण
सेंसर बोर्ड ने क्यों रोकी फिल्म?
सेंसर बोर्ड की जांच समिति के एक सदस्य ने फिल्म पर गंभीर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि फिल्म में भारतीय सेना को गलत तरीके से दिखाया गया है और कुछ दृश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड का मानना है कि कुछ सीन और डायलॉग धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकते हैं। इसी वजह से CBFC ने इन दृश्यों में कट्स का सुझाव दिया था।
चर्चा
केस वापस लेने की चर्चा भी तेज
विजय की यह फिल्म पहले इस साल पोंगल यानी 9 जनवरी के मौके पर रिलीज होनी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण इसे टाल दिया गया। खबर ये भी आई कि निर्माता अब इस कानूनी लड़ाई को और लंबा नहीं खींचना चाहते हैं। वो कोर्ट से अपना केस वापस लेने पर विचार कर रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण ये है कि कानूनी लड़ाई की वजह से फिल्म महीनों तक डिब्बे में बंद रह सकती है।