नहीं रहीं इंद्रा लंकेश, साहित्य और व्यवसाय जगत ने खोया अपना चमकता सितारा
मनोरंजन
प्रसिद्ध लेखिका और मयूर सिल्क एन्ड टेक्सटाइल्स की संस्थापक इंद्रा लंकेश अब नहीं रहीं। सोमवार को बेंगलुरु में अपने घर पर 83 साल की उम्र में उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली।
उनके परिवार में उनके बच्चे कविता और इंद्रजीत लंकेश हैं।
इंद्रा की आत्मकथा को लोग करते हैं खूब पसंद
इंद्रा का जन्म 1943 में शिवमोग्गा में हुआ था। अपने पति, मशहूर कन्नड़ लेखक पी. लंकेश का हाथ बंटाने के लिए उन्होंने साड़ियां बेचना शुरू किया और धीरे-धीरे अपना सफल टेक्सटाइल बिजनेस खड़ा कर लिया।
साल 2017 में उन्होंने अपनी बेटी गौरी लंकेश को खो दिया था और खुद भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं।
इन मुश्किलों के बावजूद, किताबों और लेखन के प्रति उनका जुनून हमेशा बना रहा। उनकी आत्मकथा 'हुलिमावु मात्तु नानू' आज भी बहुत सराही जाती है।