'हनुमान अंश' को टैक्स फ्री कराने की मांग, AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
क्या है खबर?
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी और सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी भक्ति फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। उत्तराखंड सरकार द्वारा फिल्म को पहले ही टैक्स-फ्री घोषित किए जाने के बाद अब ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस फिल्म को राज्य में टैक्स-फ्री करने की मांग की है।
पत्र
AICWA अध्यक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को बताया फिल्म का महत्व
पत्र में AICWA के अध्यक्ष ने महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया है कि 'हनुमान अंश' को पूरे महाराष्ट्र में सिनेमाघरों में दिखाने के लिए टैक्स-फ्री घोषित कर दिया जाए।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया, "हनुमान अंश एक अर्थपूर्ण आध्यात्मिक फिल्म है, जो भक्ति, आस्था, करुणा, मानवता और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को दर्शाती है। ये फिल्म समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देती है और सभी आयु वर्ग के दर्शकों व परिवारों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।"
मांग
SGST रिफंड के साथ घटें टिकट के दाम
महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले अजय देवगन की 'तानाजी', ऋतिक रोशन की 'सुपर 30' और अक्षय कुमार की 'मिशन मंगल' जैसी फिल्मों के लिए SGST रिफंड दिया है।
एसोसिएशन ने विनम्र निवेदन किया है कि 'हनुमान अंश' को भी इसी तरह के लाभ के लिए विचाराधीन रखा जाए और जल्द ही इसके लिए आवश्यक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया जाए।
पत्र में ये भी अनुरोध किया गया है कि टिकट के दाम घटाकर इसका पूरा फायदा दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
कहानी
'हनुमान अंश' में दिखा नीम करोली बाबा का जीवन
उत्तराखंड सरकार द्वारा 'हनुमान अंश' को टैक्स-फ्री किए जाने का हवाला देते हुए AICWA ने ये मांग उठाई है।
ये फिल्म 13 साल के लक्ष्मण दास की कहानी है, जो मां की मौत के बाद ब्रज से निकल पड़ते हैं। दिव्य प्रेम की तलाश में पूरे भारत की यात्रा करते हैं, पेड़ों के नीचे ध्यान लगाते हैं और प्रकृति से गहरे सबक सीखते हैं।
आगे चलकर यही लक्ष्मण दास नीम करोली बाबा के रूप में दुनियाभर में पूजे जाते हैं।