UPI या UPI लाइट में किसका करें इस्तेमाल? जानिए कौनसी ऐप ज्यादा उपयोगी
क्या है खबर?
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) आने के बाद से भुगतान करना काफी आसान हो गया है। QR कोड स्कैन करें, पिन डालें और कुछ ही सेकेंड में भुगतान हो जाता है। पिछले कुछ सालों में कई पेमेंट ऐप्स ने UPI लाइट की सुविधा भी देनी शुरू कर दी है, जिससे यूजर्स सोच में पड़ गए हैं कि उन्हें इसे अपनाना चाहिए या इसे नजरअंदाज कर देना चाहिए। आइए जानते हैं UPI और UPI लाइट में क्या अंतर है।
अंतर
दोनों ऐप्स में क्या है अंतर?
नियमित UPI में हर भुगतान सीधे आपके लिंक किए गए बैंक अकाउंट से होता है। लेन-देन पूरा करने से पहले आप अपना UPI पिन डालते हैं और पैसे आपके अकाउंट से पाने वाले के अकाउंट में चले जाते हैं।
UPI लाइट अलग तरह से काम करता है। आप पहले अपने बैंक अकाउंट से कुछ पैसे अपने UPI लाइट बैलेंस में डालते हैं।
बाद में आपके छोटे-छोटे भुगतान सीधे आपके बैंक अकाउंट के बजाय उस बैलेंस से कटता है।
फायदा
लाइट ऐप का क्या है फायदा?
आपको हर छोटे-छोटे भुगतान के लिए नियमित UPI ऐप पर हर बार पिन डालनी पड़ती है। यहीं पर UPI लाइट आपके लिए उपयोगी होता है।
पैसे पहले से ही लाइट बैलेंस में जमा होते हैं, इसलिए रोजाना के छोटे-छोटे लेन-देन तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।
इससे ज्यादा लेन-देन वाले समय में बैंकिंग सिस्टम पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है। यही एक वजह है कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने यह सुविधा शुरू की है।
चुनाव
किस आधार पर करें चयन?
लाइट का काम नियमित ऐप को हटाना नहीं, बल्कि सपोर्ट करना है। इसके आने के बाद नियमित UPI का महत्व कम नहीं हुआ है।
बड़े लेन-देन, दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने, बिल भुगतान या लाइट की लिमिट से ज्यादा भुगतान करने के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।
इससे हर लेन-देन के साथ बैंक अकाउंट बैलेंस का पता चल जाता है। UPI लाइट का इस्तेमाल करना है या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कोई लेन-देन कैसे करता है?