
'फाइटर' रिव्यू: बिना कहानी की फिल्म को ऋतिक रोशन ने हवा में स्टंट करके संभाला
क्या है खबर?
ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'फाइटर' पिछले 2 सालों से चर्चा में थी। खासकर, फिल्म के एक्शन दृश्यों से जुड़ी खबरों ने दर्शकों का रोमांच बढ़ाया हुआ था।
निर्देशक सिद्धार्थ आनंद पिछले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर 'पठान' लाए थे, तो इस बार वह 'फाइटर' के साथ हाजिर हैं।
यह फिल्म अपने गानों के कारण भी चर्चा में है।
आपको बताते हैं कैसी है यह एरियल एक्शन फिल्म।
कहानी
वायुसेना पर आधारित है फिल्म की कहानी
'फाइटर' की कहानी वायुसेना के कुछ दोस्तों की है, जो एक मिशन पर साथ काम करने के लिए श्रीनगर एयरबेस बुलाए गए हैं। इन दोस्तों के बीच सबसे जांबाज और आकर्षण का केंद्र है स्क्वॉड्रन लीडर शमशेर पठानिया उर्फ पैटी (ऋतिक)।
वायुसैनिकों की इस टीम में सरताज (करण ग्रोवर) और मीनल राठौड़ उर्फ मिनी (दीपिका) भी शामिल हैं।
इस टीम का नेतृत्व रॉकी (अनिल कपूर) कर रहे हैं, जो एक सख्त सैन्य अफसर हैं।
कहानी
पाकिस्तान से बदला लेने के लिए आतुर पैटी
पैटी एक बाहदुर, लेकिन अतिआत्मविश्वासी पायलट है। अपने आत्मविश्वास के कारण वह अतीत में कई बार लापरवाही कर चुका है, जिसकी कीमत रॉकी की टीम के पायलटों को चुकानी पड़ी है। इसी वजह से रॉकी की पैटी से बनती नहीं है और उसे खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है।
पुलवामा हमले के बाद इस टीम को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का जिम्मा दिया जाता है, जिसके बाद कहानी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की ओर मुड़ जाती है।
अभिनय
अनुभवी हैं सभी मुख्य कलाकार
ऋतिक न सिर्फ इस कहानी का बल्कि फिल्म का भी केंद्र हैं। उनका अभिनय मंझा हुआ है। सिद्धार्थ आनंद के साथ वह 'वॉर' और 'बैंग बैंग' में काम कर चुके हैं। इस साझेदारी का अनुभव पर्दे पर दिखता है।
दीपिका के कंधे पर बहादुरी से ज्यादा सेना में लड़के-लड़कियों की बराबरी को दिखाने की जिम्मेदारी थी। अपने अभिनय से उन्होंने इस भावना को बखूबी बयां भी किया।
अनिल की सख्त रवैया फिल्म का एक मजबूत स्तंभ है।
विलेन
अलग चमके ऋषभ साहनी
पाकिस्तानी खलनायक की भूमिका में ऋषभ साहनी ने फिल्म को अपने नाम किया है। एक आतंकी के रूप में खूंखार अंदाज, एक्शन, बौखलाहट और खौफनाक हावभाव दिखाने में वह अव्वल रहे।
वह जिस भी दृश्य में नजर आते हैं, उनकी उपस्थिति दमदार लगती है।
आशुतोष राणा और गीता शर्मा मेहमान भूमिका में एक दमदार दृश्य देकर चले जाते हैं।
करण ग्रोवर, शारिब हाशमी और अक्षय ओबेरॉय ने अपने अभिनय से वायुसैनिकों की देशभक्ति का जज्बा दिखाया है।
स्टंट्स
बेहतरीन एरियल स्टंट से पैसा वसूल बनी फिल्म
फिल्म यूं तो देशभक्ति की भावना पर आधारित है, लेकिन इसका मूल लड़ाकू विमानों द्वारा हवा में दिखाए गए स्टंट्स हैं।
हवा में स्टंट को सिद्धार्थ ने बेहतरीन तरीके से दिखाया है। बेहतरीन VFX और सिनेमैटोग्राफी के जरिए सिद्धार्थ ने भव्य और रोमांचक स्टंट प्रस्तुत किए हैं।
खासकर, हवा में एक-दूसरे का पीछा करते पाकिस्तानी विमान और पैटी का दृश्य देखने लायक है। इन स्टंट्स के साथ दिए गए बैकग्राउंड म्यूजिक इसे और भी पैसा वसूल बनाते हैं।
निर्देशन
कमजोर कहानी से 'एयर शो' बनी फिल्म
सिद्धार्थ अपनी फिल्मों में देशभक्ति, एक्शन और ग्लैमर का एक खास मिश्रण तैयार करते हैं। 'फाइटर' में भी कुछ ऐसा ही दिखता है।
विमानों का स्टंट फिल्म की देशभक्ति की भावना पर भारी पड़ता है।
फिल्म में ऋतिक-दीपिका का बनता-बिगड़ता रोमांस, अनिल-ऋतिक की अनबन, दीपिका का नारीवाद, तो कभी भारत-पाकिस्तान की दुश्मनी, फिल्म में सबकुछ इतनी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में है कि कोई भी भावना मजबूती से नहीं दिखती है।
ऐसे में फिल्म एक एयर शो मात्र लगने लगती है।
अन्य कमजोरी
परेशान करता है तथ्यों और ड्रामा का मिश्रण
एक समय के बाद फिल्म की कहानी पूरी तरह गुम हो जाती है और यह भारतीय सैनिकों और पाकिस्तानी आतंकियों के बीच चूहे-बिल्ली का खेल लगने लगती है।
फिल्म में पुलवामा हमले और एयरस्ट्राइक जैसी घटनाओं को दिखाया गया है। ये घटनाएं देशवासियों के मन में अब भी ताजा हैं और इनके तथ्य साफ हैं।
ऐसे में तथ्यों और ड्रामा का मिश्रण परेशान करने वाला है।
वायुसेना पर आधारित होने के बावजूद फिल्म में वो गंभीरता नहीं दिखती है।
बॉलीवुड तमाशा
बॉलीवुड मसालों से गुम हुई गंभीरता
'1 हीरो सबपर भारी' का पुराना बॉलीवुड मसाला फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है।
कई दृश्य दर्शकों को भावुक करने और तालियां बटोरने के लिए जबरदस्ती घुसाए हुए लगते हैं। फिल्म की कई घटनाएं ऐसी हैं, जो कहानी को आगे बढ़ाने की बजाय इसे बेवजह लंबा करती हैं।
कुछ संवाद काफी प्रभावशाली तो कुछ बेहद बचकाने हैं।
दीपिका का किरदार फिल्म में बहादुरी से ज्यादा ग्लैमर दिखाता है।
इन मसालों से फिल्म मनोरंजक लगती है, लेकिन गंभीरता खो देती है।
निष्कर्ष
देखें या न देखें?
क्यों देखें?- फिल्म में शानदार एरियल स्टंट दिखाए गए हैं, जो बड़े पर्दे पर देखने में बेहतरीन लगेंगे। ऋतिक और दीपिका के प्रशंसक फिल्म का टिकट ले सकते हैं। ऋषभ का अभिनय भी इस फिल्म को देखने की वजह हो सकती है।
क्यों न देखें?- गंभीर विषयों की फिल्मों में बॉलीवुड मसाले परेशान करते हैं, तो इस फिल्म से किनारा कर लीजिए। फिल्म 2 घंटे 46 मिनट लंबी है।
न्यूजबाइट्स स्टार- 2.5/5