डॉली पार्टन का बेमिसाल सफर: 3,000 गाने, 11 ग्रैमी और 10 करोड़ रिकॉर्ड्स से रचा इतिहास
क्या है खबर?
महान गायिका डॉली पार्टन अब हमारे बीच नहीं रहीं। 1960 के दशक में कंट्री सिंगर के रूप में करियर शुरू करने वाली डॉली ने 70 के दशक में पॉप संगीत में कदम रखकर अपार सफलता पाई। टेनेसी की स्मोकी माउंटेन्स के साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने सैकड़ों कालजयी गीतों से दुनिया पर राज किया। केवल संगीत ही नहीं, 'डॉलीवुड' और सामाजिक कार्यों से भी उन्होंने अमिट छाप छोड़ी। 6 दशकों का उनका ये संगीतमय सफर हमेशा याद रखा जाएगा।
पहला गाना
6 साल की उम्र में पहला गाना और 6 दशकों का राज
डॉली ने महज 6 की उम्र में अपना पहला गाना 'लिटिल टाइनी टैसेलटॉप' लिखा था। ये भुट्टे के छिलके से बनी उनकी गुड़िया के लिए था। दशकों बाद उन्होंने याद कर लिखा, 'मुझे वो गुड़िया बहुत पसंद थी। मैं लिखकर अपनी भावनाएं जाहिर करती थी।
इसके बाद डॉली ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी सुरीली आवाज और दिल छू लेने वाले गीतों से छह दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया।
उपलब्धियां
11 ग्रैमी अवॉर्ड्स और अनूठा स्टाइल
10 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड बेचकर वह संगीत इतिहास की सबसे सफल गायिकाओं में शुमार हुईं। अपने 6 दशक लंबे करियर में उन्होंने 11 ग्रैमी अवॉर्ड्स और 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' अपने नाम किया। उनका जाना संगीत जगत का कभी न पूरा होने वाला घाटा है।
डॉली पार्टन की मासूम शख्सियत, सुनहरे बाल, भड़कीली पोशाकें और मंच पर उनका गजब का अंदाज सभी को भा गया। इसी अनूठे स्टाइल ने कंट्री म्यूजिक को दुनियाभर में अलग पहचान दिलाई।
जुड़ाव
सिर्फ संगीत नहीं, आम लोगों से जुड़ाव बना डॉली पार्टन की असली ताकत
संगीत के अलावा डॉली पार्टन ने टीवी शो होस्ट किए, फिल्मों में अभिनय किया और टेनेसी में प्रसिद्ध 'डॉलीवुड' थीम पार्क बनाया। लेकिन उनकी असली ताकत लोगों से जुड़ने की अद्भुत क्षमता थी।
बेहद गरीब परिवार से आने के कारण वो हमेशा आम और कामकाजी वर्ग का प्रतीक बनी रहीं। उन्होंने दिल खोलकर सामाजिक कार्यों में अपना नाम और पैसा लगाया। बहुमुखी प्रतिभा और इसी जमीन से जुड़े स्वभाव ने उन्हें हर दिल अजीज और अमर स्टार बना दिया।
सम्मान
ऑस्कर नामांकन और 'हॉल ऑफ फेम' का सम्मान
डॉली ने अपने जीवन में लगभग 3,000 गीत लिखे, जिनमें 450 रिकॉर्ड हुए और 25 गाने बिलबोर्ड कंट्री चार्ट के शीर्ष पर पहुंचे।
उन्हें 'साॅन्गराइटर्स हॉल ऑफ फेम' के सर्वोच्च जॉनी मर्सर पुरस्कार तथा 'रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम' से सम्मानित किया गया।
साल 1988 में डॉली 'पसंदीदा ऑल-राउंडर एंटरटेनर' चुनी गईं। 1980 की फिल्म '9 टू 5' से अभिनय की शुरुआत करने वाली डॉली को इसके टाइटल ट्रैक और 'ट्रांसअमेरिका' के गाने के लिए 2 ऑस्कर नामांकन मिले।
समाज सेवा
संगीत ही नहीं, समाज सेवा की भी मिसाल
कोरोना महामारी के दौरान डॉली पार्टन ने 2020 में वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी को लगभग 8 से 8.5 करोड़ रुपये का दान दिया था। इससे मॉडर्ना वैक्सीन के शुरुआती शोध में बड़ी मदद मिली थी।
संगीत के अलावा उन्होंने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड में बच्चों को मुफ्त किताबें देने का अभियान चलाया। इतना ही नहीं, अपने गृहराज्य टेनेसी के हाई स्कूल छात्रों को स्कॉलरशिप देकर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अमिट मिसाल कायम की।