90 की उम्र में दलाई लामा ने रचा इतिहास, जीता पहला ग्रामी पुरस्कार
मनोरंजन
90 साल की उम्र में दलाई लामा ने अपना पहला ग्रामी पुरस्कार जीता है और यह खबर वाकई बहुत प्रेरणादायक है।
उन्हें यह पुरस्कार 'बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेटेशन एंड स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग' कैटेगरी में उनकी ऑडियोबुक 'मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा' के लिए मिला है।
इस ऑडियोबुक में दलाई की शांत शिक्षाओं को संगीत और कहानियों के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है।
ऑडियोबुक में हैं ये खास बातें
यह ऑडियोबुक करुणा, सजगता और शांति जैसे अहम संदेश देती है, जो सुनने में बहुत सरल और सहज लगते हैं। जब वे सिर्फ 2 साल के थे, तभी उन्हें 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म मानकर पहचाना गया था।
साल 1959 में तिब्बत छोड़ने के बाद वे अहिंसा के वैश्विक प्रतीक बन गए। उनकी यह अद्भुत जीवन यात्रा आज भी लोगों के दिलों में गहरे तक उतरती है और उन्हें प्रेरित करती है।