सोशल मीडिया पर संगीत के उल्लंघन से पड़ रहा है कमाई पर असर, हुआ इतने करोड़ का नुकसान
हर साल, भारत की संगीत इंडस्ट्री को 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ता है। इसकी वजह यह है कि लोग इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म्स पर बिना इजाजत कॉपीराइट गानों का इस्तेमाल करते हैं।
यह समस्या सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। पूरी दुनिया में भी इसी वजह से रिकॉर्डेड म्यूजिक इंडस्ट्री को हर साल करीब 1 अरब का नुकसान होता है।
बेंगलुरु की AI प्लेटफार्म कंटेंटलेंस ने बड़े म्यूजिक लेबल्स के साथ मिलकर काम करते हुए इन आंकड़ों को सामने लाया है।
कंटेंटलेंस के औजार का 5 बड़े लेबल्स कर रहे हैं इस्तेमाल
इस समस्या का हल निकालने के लिए, कंटेंटलेंस ने कुछ ऐसे औजार तैयार किए हैं, जो बिना इजाजत वाले रीमिक्स, धीमे किए गए गानों (स्लो ट्रैक्स) और कवर्स को भी पहचान लेते हैं।
ये वे गाने होते हैं, जो आमतौर पर पकड़ में नहीं आते। 4 भारतीय और एक अंतर्राष्ट्रीय बड़ा म्यूजिक लेबल पहले से ही उनके सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसका मकसद संभावित उल्लंघनों को पकड़ना और खोए हुए सिंक रेवेन्यू को वापस पाना है। कंपनी डीपफेक डिटेक्शन और कंटेंट वॉटरमार्किंग पर भी काम करती है।