सेलिना जेटली का आरोप- पति और ससुर ने बच्चों को छिपाया, मेरे खिलाफ भर रहे जहर
क्या है खबर?
मातृत्व दिवस के मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया पर अपना दुख साझा किया है। सेलिना ने एक भावुक पोस्ट लिखकर बताया कि उनके अपने ही बच्चों को उनके खिलाफ भड़काया गया है और उनका 'ब्रेनवॉश' किया गया है। एक मां के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि उसके बच्चे ही उससे दूर कर दिए जाएं। सेलिना की इस आपबीती ने सोशल मीडिया पर उनके फैंस को भी दुखी कर दिया है।
दर्द
बच्चों के लिए तरसीं सेलिना
मातृत्व दिवस 2026 के मौके पर सेलिना ने अपने बच्चों विंस्टन, विराज और आर्थर से अलग होने का गहरा दुख साझा किया है। पिछले कुछ महीनों से वो अपने पति पीटर हाग से अलग होने के बाद पैदा हुए मानसिक तनाव और मुश्किलों के बारे में सोशल मीडिया पर खुलकर बात कर रही हैं। सेलिना ने एक भावुक वीडियो और नोट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने सभी बच्चों को खो दिया है।
खुलासा
सेलिना ने तड़के सुबह भागकर बचाई थी अपनी जान
सेलिना ने एक दर्दनाक वीडियो साझा किया, जिसमें वो अपने बच्चों की झलक पाने के लिए ससुराल के बाहर इंतजार करती दिखीं। उन्होंने बताया कि जिस दिन उन्होंने अपनी गरिमा और बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रिया छोड़ने का फैसला किया, उसी दिन बच्चों को भी खो दिया। सेलिना के मुताबिक, वो वहां मानसिक उत्पीड़न, अकेलेपन और डर के साये में जी रही थीं, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से तड़के सुबह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
आपबीती
'धर्म के खिलाफ भड़काया और अनजान जगह छिपाया'
सेलिना के मुताबिक, जॉइंट कस्टडी के कोर्ट आदेश के बावजूद उन्हें अपने बच्चों से मिलने या बात करने नहीं दी जा रही। उनके मुताबिक, पति और ससुर ने बच्चों को गुप्त जगह पर छिपा रखा है। सेलिना का आरोप है कि बच्चों को उनके और हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा है। हाल ही में तलाक की सुनवाई के दौरान वो घंटों घर के बाहर खड़ी रहीं, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद बच्चों को उनसे नहीं मिलवाया गया।
लड़ाई
अब भारत आकर इंसाफ की जंग लड़ेंगी सेलिना
44 वर्षीय अभिनेत्री ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि आज उनका दिल पूरी तरह टूट चुका है और अब उनके पास केवल उनके दिवंगत बेटे की कब्र है, जहां बैठकर वो रोती हैं और खुद को मजबूत बनाने की प्रार्थना करती हैं। सेलिना के लिए इस बार का मातृत्व दिवस आंसुओं से भरा है। हालांकि, उन्होंने हार न मानने का फैसला किया है। वो अपने बच्चों, गरिमा और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए भारत लौट रही हैं।