AI संगीत से मिलने वाले मुनाफे को लेकर छिड़ी कड़ी जंग, जानिए क्या है पूरा मामला?
AI म्यूजिक जनरेटर्स सुनो और उडियो अब बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। बड़े म्यूजिक लेबल ने उन पर कॉपीराइट उल्लंघन के कई केस दर्ज किए हैं।
इन पर आरोप है कि इनके AI मॉडल्स को बिना किसी इजाज़त के कॉपीराइट गानों पर ट्रेन किया गया है।
यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप ने उडियो के साथ अपना मामला सुलझा लिया है, वहीं वार्नर म्यूजिक ग्रुप ने उडियो और सुनो दोनों से समझौता कर लिया है, लेकिन सोनी अभी भी कोर्ट में इस मामले को लड़ रही है।
कलाकार कर रहे हैं AI से मिलने वाली कमाई के लिए सही नियमों की मांग
स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मस पर AI से बने गानों की भरमार हो रही है। इस वजह से म्यूजिकियन इस बात से परेशान हैं कि कहीं उनकी कमाई कम न हो जाए।
वकील क्रिस्टल डेलगाडो बताती हैं कि स्ट्रीमिंग से मिलने वाला पैसा एक तय सीमा तक ही है। ऐसे में अगर ज्यादा AI गाने सामने आएंगे, तो इसका सीधा मतलब है कि असली कलाकारों की कमाई घट जाएगी। गीतकार टिफनी रेड इस बात से नाराज हैं कि हाल ही के समझौतों में क्रिएटर्स को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया।
वह सवाल उठा रही हैं कि आखिर उनका हिस्सा कहां जाता है। अब कई एडवोकेसी ग्रुप्स ऐसे नियम बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे AI की वजह से बदलती म्यूजिक की दुनिया में कलाकारों को उनकी मेहनत का सही पैसा मिल सके।