असरानी की वो ब्लॉकबस्टर फिल्म, जिससे अमिताभ बच्चन के करियर ने पकड़ी जबरदस्त रफ्तार
क्या है खबर?
मशहूर कॉमेडियन और दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और अदाकारी आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा है। अगर आज वो होते तो अपना 85वां जन्मदिन मना रहे होते। असरानी ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी एक ऐसी भी फिल्म थी, जिसने न सिर्फ उन्हें पहचान दिलाई, बल्कि अमिताभ बच्चन के करियर को भी नया जीवन दे दिया था?
फिल्म
अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना के बीच चमके असरानी
ऋषिकेश मुखर्जी की कालजयी फिल्म 'नमक हराम' (1973) में असरानी का किरदार न केवल मनोरंजन के लिए था, बल्कि वो फिल्म की कहानी और किरदारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी था। फिल्म में असरानी ने 'धोंधू' की भूमिका निभाई थी। उस दौर में राजेश खन्ना सुपरस्टार थे और अमिताभ बच्चन अपनी पहचान बना रहे थे, उन दोनों दिग्गजों के सामने असरानी ने 'धोंधू' के किरदार में इतनी जान डाल दी थी कि दर्शकों की जुबां पर उनका नाम चढ़ गया।
स्टारडम
राजेश खन्ना के सामने 'एंग्री यंग मैन' बन उभरे अमिताभ
70 के दशक से सिनेमा पर राज कर रहे अमिताभ की सफलता का सफर इतना आसान नहीं था। शुरुआती दौर में लगातार कई फ्लॉप फिल्में देने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अगर अमिताभ की उन 10 सबसे शानदार फिल्मों की सूची बनाई जाए, जिन्होंने उन्हें सुपरस्टार बनाया तो 1973 में आई 'नमक हराम' का नाम सबसे ऊपर आता है। इस फिल्म ने न केवल अमिताभ की किस्मत पलट दी, बल्कि इंडस्ट्री को एक नया 'एंग्री यंग मैन' भी दिया।
कमाई
बजट से 3 गुना ज्यादा मुनाफा
1973 के दौर में, जब फिल्में सीमित बजट में बनती थीं, तब 'नमक हराम' ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। महज 30 लाख रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने उम्मीदों से कहीं बढ़कर प्रदर्शन किया और 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकॉर्ड कमाई की। फिल्म न केवल अपनी दमदार कहानी के लिए जानी गई, बल्कि लागत से 3 गुना ज्यादा मुनाफा कमाकर उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शुमार हुई।
पसंद
असरानी ने सिर्फ हंसाया नहीं, दिल भी जीते
असरानी एक ऐसे कलाकार रहे हैं, जिन्होंने केवल अपनी कॉमिक टाइमिंग से ही नहीं, बल्कि अपने सशक्त अभिनय से भी दर्शकों के दिलों पर राज किया था। अंग्रेजों के जमाने के 'जेलर' से लेकर वफादार दोस्त और 'भूल भुलैया' के मुरारी तक, उनके हर किरदार ने पर्दे पर एक अलग छाप छाेड़ी। 'नमक हराम' और 'बालिका वधू' जैसी कई फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन के पुरस्कार से भी नवाजा गया था।