आशुतोष गोवारिकर का बॉलीवुड के बाद मराठी सिनेमा पर दांव, इस मशहूर निर्देशक से मिलाया हाथ
क्या है खबर?
'लगान' और 'जोधा अकबर' जैसी फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अब एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाने के बाद आशुतोष ने अब मराठी सिनेमा का रुख किया है और पहली बार एक मराठी फिल्म को प्रोड्यूस करने का फैसला किया है। खास बात है कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने 'फेरारी की सवारी' और 'वेंटिलेटर' जैसी फिल्में बनाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजेश मापुस्कर से हाथ मिलाया है।
शुरुआत
हिंदी के बाद मराठी सिनेमा की ओर आशुतोष गोवारिकर का रुख
'लगान', 'स्वदेश' और 'जोधा अकबर' जैसी भव्य हिंदी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले आशुतोष गोवारिकर अब एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। वो अब अपनी जड़ों की ओर रुख कर रहे हैं और पहली बार एक मराठी फिल्म का निर्माण करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आशुतोष की इस फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी राजेश मापुस्कर को सौंपी गई है, जो मराठी सिनेमा का बड़ा नाम हैं।
पिछली फिल्म
निर्माता-निर्देशक की जोड़ी पहले भी कर चुकी कमाल
आशुतोष और राजेश इससे पहले साल 2016 में आई सुपरहिट मराठी फिल्म 'वेंटिलेटर' के लिए साथ आए थे। दिलचस्प बात ये है कि 'वेंटिलेटर' का निर्माण ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा ने अपने प्रोडक्शन बैनर 'पर्पल पेबल्स पिक्चर्स' के तहत किया था। राजेश मापुस्कर इस फिल्म के निर्देशक और लेखक थे, जबकि आशुतोष ने कैमरे के पीछे से हटकर कैमरे के सामने एक मुख्य अभिनेता के तौर पर अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा था और खूब वाहवाही लूटी थी।
सम्मान
'वेंटिलेटर' को मिले थे 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
'वेंटिलेटर' ने रिलीज के समय समीक्षकों की खूब वाहवाही बटोरी थी। ये फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, बल्कि इसने 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी अपनी सफलता का परचम लहराया था। फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशन समेत कुल 3 श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए थे। समीक्षकों और पुरस्कारों की कसौटी पर खरी उतरने वाली इस पिछली जोड़ी से अब दर्शकों को उनकी अगली मराठी फिल्म से भी वैसी ही उम्मीदें हैं।
करियर
'फेरारी की सवारी' से शुरू हुआ राजेश मापुस्कर के निर्देशन का सफर
राजेश मापुस्कर को फिल्म जगत में ऐसी कहानियां बुनने के लिए जाना जाता है, जो सीधे दिल को छूती हैं। उनकी फिल्मों में सादगी, हल्का-फुल्का हास्य और गहरी भावनात्मक संवेदनशीलता का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। साल 2012 में शरमन जोशी अभिनीत फिल्म 'फेरारी की सवारी' के जरिए राजेश ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। पिता-पुत्र के रिश्तों पर आधारित इस फिल्म को आज भी एक 'कल्ट क्लासिक' माना जाता है।