एआर रहमान के लिए ऑस्कर बना 'बोझ'? बोले- आगे जो करूंगा, वो बेहतरीन होगा
क्या है खबर?
संगीतकार एआर रहमान ने जब से बॉलीवुड में 'सांप्रदायिक भेदभाव' पर बयान दिया है, वह लोगों के निशाने पर हैं। हालांकि संगीतकार स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके बयानों का गलत मतलब निकाला गया। उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या नफरत फैलाना नहीं था। इस बीच, रहमान ने ऑस्कर जीत को 'बोझ' बताते हुए स्वीकार किया कि पिछले कामों को लेकर बनी रहने वाली यादों ने उन्हें अपनी क्रिएटिवटी पर संदेह करने के लिए मजबूर किया है।
बयान
"आत्मसम्मान और आत्मविश्वास वापस लाना जरूरी"
द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से रहमान ने कहा, "मुझे ये पसंद है, लेकिन मुझे आत्मसम्मान और आत्मविश्वास वापस पाना है। मैं आगे जो करने जा रहा हूं, वो सबसे अच्छा होगा। अतीत पर निर्भर नहीं रहना और ये नहीं सोचना है कि 'मैंने 2 ऑस्कर जीते हैं।' ये सोच आपको थकाती है। ये बोझ बन सकता है। मेरे सोशल मीडिया बायो में ये नहीं लिखा है, न ऑस्कर, न ग्रैमी, कुछ भी नहीं। ये एक नई शुरुआत है, 2026 से।"
दबाव
संगीतकार ने अकादमी पुरस्कार मिलने से उपजे दबाव पर बात की
संगीतकार ने स्वीकारा कि अकादमी पुरस्कार जीतने से उनकी जिंदगी में आकस्मिक बोझ आया है, लेकिन इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम भी किया है। उन्होंने माना कि उपलब्धि मिलने से कलाकार पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव पैदा होता है। बता दें कि रहमान को फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' (2009) में उनके सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत और सर्वश्रेष्ठ गाने 'जय हो' के लिए 2 ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।