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अमाल मलिक का सवाल- फिल्मों पर आपत्ति तो 'चिकनी चमेली' जैसे गानों पर रोक क्यों नहीं?
अमाल मलिक ने किया हिंसक फिल्मों का समर्थन?

अमाल मलिक का सवाल- फिल्मों पर आपत्ति तो 'चिकनी चमेली' जैसे गानों पर रोक क्यों नहीं?

Nov 05, 2026
03:31 pm

क्या है खबर?

आंध्र प्रदेश में एक छात्रा पर हुए जानलेवा हमले के बाद सोशल मीडिया पर फिल्मों में दिखाई जाने वाली हिंसा को लेकर बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि 'A' सर्टिफिकेट वाली खूनी फिल्में समाज में हिंसा को बढ़ावा दे रही हैं। इस पर राम गोपाल वर्मा और संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्मों का बचाव किया, तो वहीं अब संगीतकार अमाल मलिक भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। आइए जानें क्या बोले अमाल।

कसूरवार

किसी के अपराध के लिए सिर्फ सिनेमा को जिम्मेदार ठहराना गलत- अमाल

गायक और संगीतकार अमाल मलिक ने हिंसक फिल्मों का खुलकर बचाव किया है।

अमाल ने संदीप रेड्डी वांगा के ट्वीट को रीट्वीट किया और फिर एक पोस्ट शेयर कर इस मुद्दे पर कहा कि किसी इंसान के गलत कदमों के लिए अकेले सिनेमा को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता।

अमाल के मुताबिक, पारिवारिक संस्कार, परवरिश, राज्यों का राजनीतिक माहौल और हर व्यक्ति की अपनी सोच व प्रतिक्रिया करने का तरीका भी उतने ही मायने रखते हैं, जितना कि कोई फिल्म।

नकल

पर्दे पर जो दिखे, उसकी नकल क्यों करना?

अमाल ने लिखा कि वो स्कूल या कॉलेज में हमले जैसी खौफनाक घटनाओं का कभी समर्थन नहीं करेंगे। आंध्र प्रदेश का हमला गंभीर विषय है, लेकिन इसके लिए किसी फिल्म या निर्देशक को दोषी मानना गलत है।

अमाल ने बताया कि उन्होंने 'एनिमल', 'कबीर सिंह' और 'KGF' जैसी फिल्में देखी हैं और पसंद की हैं। हालांकि, कुछ दृश्यों से उन्हें भी ऐतराज था, लेकिन फिल्म सिर्फ एक कहानी होती है, जिसे पर्दे से असल जिंदगी में कॉपी नहीं करना चाहिए।

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सवाल

फिल्मी हिंसा पर ऐतराज तो गानों पर खामोशी क्यों?

अमाल ने फिल्मों में हिंसा की आलोचना करने वालों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने लिखा, 'अगर हम फिल्मों की आलोचना करते हैंतो हमें निष्पक्ष होकर गानों पर भी नजर डालनी चाहिए। अगर हिंसा गलत है तो 'कर गई चुल', 'रोम रोम रोमांटिक' (ये दोनों मेरे खुद के गाने हैं), 'बीड़ी जलाईले', 'पिंक लिप्स', 'चिकनी चमेली' और 'मुन्नी बदनाम' जैसे गानों पर बैन लगा देना चाहिए। फिर ऐसे गानों का जश्न क्यों मनाया जाता है?"

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तंज

माता-पिता बच्चों के सामने 'आइटम' गानों पर डांस करवाते हैं-  अमाल

अमाल ने आगे लिखा, 'फिल्मों से अलग यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर भी ऐसा बहुत सा कंटेंट और रैप म्यूजिक मौजूद है, खासकर उत्तर भारत का, जिसमें खुलेआम हत्या, पावर और आक्रामकता की बात की जाती है। कुछ गानों में महिलाओं को 'आइटम' कहा जाता है और लड़कियों को उठाने की बातें होती हैं। सबसे दुखद बात तो ये है कि माता-पिता अपने छोटे बच्चों के सामने ये गाने बजाते हैं और उन्हें इन पर नाचने के लिए बढ़ावा देते हैं।"

ट्विटर पोस्ट

यहां देखिए अमाल मलिक का पोस्ट

परिचय

कौन हैं अमाल मलिक?

अमाल संगीतकार डब्बू मलिक के बेटे और अनु मलिक के भतीजे हैं।

उन्होंने साल 2014 में सलमान खान की फिल्म 'जय हो' से बतौर संगीतकार डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान साल 2015 में 'सूरज डूबा है' (रॉय) गाने से मिली। अमाल ने 'एमएस धोनी', 'कबीर सिंह' और 'एयरलिफ्ट' जैसी फिल्मों में हिट संगीत दिया है। गायकी के साथ स्वतंत्र संगीत बनाने वाले अमाल ने हाल ही में फिल्म संगीत से 1 साल का ब्रेक लेने का ऐलान किया है।

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