YRF की 'अल्फा' में आलिया-शरवरी का दमदार एक्शन, पर 'कमजोर महिला सशक्तिकरण' को लेकर उठीं उंगलियां
यशराज फिल्म्स की नई स्पाई यूनिवर्स फिल्म 'अल्फा' इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। इस यूनिवर्स में पहली बार महिला किरदारों को लीड रोल में देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं और दोनों अभिनेत्रियों की एक्टिंग व दमदार एक्शन दृश्यों की तारीफ भी हो रही है। हालांकि, बेहतरीन अभिनय के बावजूद फिल्म को कमजोर महिला सशक्तिकरण के कारण आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। समीक्षकों का मानना है कि फिल्म में दिखाए गए 'सीता' और 'दुर्गा' के किरदार गहराई की कमी के चलते अब भी पुरुषों के प्रभाव में नजर आते है और कहानी में उनके भीतरी गुणों को उभारने के बजाय उनके बाहरी रूप-रंग और लुक पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।
'अल्फा' में आलिया और शरवरी के किरदारों में दिखी गहराई की कमी
फिल्म 'अल्फा' की कहानी 'सीता' और 'दुर्गा' नाम की दो बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें उनकी मां को दिए गए एक रहस्यमयी सीरम की वजह से सुपर-पावर मिली थीं। फिल्म में बॉबी देओल ने एक खूंखार खलनायक का किरदार निभाया है, जो बचपन में ही इन दोनों को बंदी बना लेता है और अपने बुरे मंसूबों को पूरा करने के लिए उन्हें एक हथियार के रूप में पालता-पोषता है। अभिनय की बात करें तो आलिया भट्ट ने सीता के भीतरी संघर्षों को पर्दे पर बहुत खूबसूरती से उतारा है, वहीं शरवरी ने दुर्गा के किरदार में अपनी जबरदस्त ऊर्जा से जान भर दी है। हालांकि, समीक्षाओं के अनुसार फिल्म के एक्शन सीन्स जितने शानदार और विजुअली कमाल के हैं, इसकी कहानी उतनी ही कमजोर है, क्योंकि किरदारों में गहराई की कमी होने के चलते यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन तमाशा बनकर रह जाती है।