दीपिका पादुकोण के कदम से बॉलीवुड में बवाल, क्या अब सेट पर 8 घंटे ही होगा काम?
बॉलीवुड में इन दिनों एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है, वो है कि क्या फिल्म की शूटिंग को दिन में 8 घंटे तक सीमित कर देना चाहिए? यह चर्चा तब शुरू हुई जब 2025 में दीपिका पादुकोण के एक बड़े प्रोजेक्ट को छोड़ने की बात सामने आई।
खबरों के मुताबिक, उन्होंने बेटी के जन्म के बाद कम काम के घंटों की मांग की थी।
उनके इस कदम ने फिल्म इंडस्ट्री में काम और निजी जीवन के संतुलन की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है, क्योंकि ये इंडस्ट्री अपनी लंबी-लंबी शूटिंग के लिए मशहूर है।
लंबी शूटिंग का है महिलाओं और जूनियर कलाकारों पर बोझ
फिल्म सेट पर अक्सर 12 से 18 घंटे तक काम चलता है और कभी-कभी तो उससे भी ज्यादा। यह खासकर महिलाओं और जूनियर कलाकारों के लिए बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि उनकी बात इतनी सुनी नहीं जाती।
एक तरफ, सुनील शेट्टी और काजोल जैसे कुछ सितारों ने इस बदलाव का समर्थन किया है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग यह तर्क देते हैं कि फिल्म निर्माण में लचीलापन बहुत जरूरी है। उनकी दलील है कि शूटिंग में कब देरी हो जाए, इसका कुछ पता नहीं चलता और रोजाना का खर्चा भी बहुत ज्यादा होता है।
शाहरुख खान जैसे सितारे, जो अपनी कड़ी मेहनत के लिए जाने जाते हैं, उनके लिए यह मामला सिर्फ शूटिंग के शेड्यूल का नहीं है।
असल में, यह समय है जब हमें बॉलीवुड में काम करने के सही माहौल पर नए सिरे से सोचना चाहिए।